सुरों के साथ लयबद्ध पांवों की थिरकन, शब्दों पर बदलती भावभंगिमाएं और शरीर का ऐसा संतुलन कि देखने वालों का मन भी मयूर बन नाचने को करने लगा।
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सुरों के साथ लयबद्ध पांवों की थिरकन, शब्दों पर बदलती भावभंगिमाएं और शरीर का ऐसा संतुलन कि देखने वालों का मन भी मयूर बन नाचने को करने लगा।
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