ज्येष्ठ माह की पावन सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट आस्था के जनसैलाब में सराबोर हो गई। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदाकिनी गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान कामतानाथ स्वामी के दर्शन कर परिक्रमा लगाई।
सुबह से ही रामघाट, परिक्रमा मार्ग, कामतानाथ मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लाखों भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पूरा चित्रकूट “जय श्रीराम” और “कामतानाथ महाराज की जय” के जयघोष से गूंजता रहा, जो इस पवित्र अवसर की भव्यता को दर्शाता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सतना पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में रामघाट, परिक्रमा मार्ग, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सोमवती अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, ऐसा माना जाता है। मंदाकिनी नदी में स्नान को विशेष फलदायी माना जाता है, और यही कारण है कि इस अवसर पर चित्रकूट में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
