लखनऊ। इस साल भीषण गर्मी के दौरान करीब 15 लाख उपभोक्ताओं को हुए बिजली संकट को देखते हुए बिजली महकमे ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 261.80 करोड़ रुपये के सुधार कार्यों को मंजूरी दे दी है। चार जून को आदेश जारी कर टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बिजनेस प्लान 2027-28 के तहत शहर में 750 ऐसे चिह्नित जगहों पर नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जहां इस बार सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग की समस्या हुई।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) हरीश बंसल ने बताया कि नए ट्रांसफार्मर लगाने, 33 केवी के नए उपकेंद्रों का निर्माण, मौजूदा उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने और 440 वोल्ट, 11 हजार व 33 हजार वोल्ट की नई बिजली लाइनें बिछाने का काम किया जाएगा। ये सभी सुधार कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूरे कर लिए जाएंगे। अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार के अनुसार, उनके क्षेत्र में उपभोक्ता और दायरा दोनों बढ़ने के कारण इस गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सुधार कार्यों को तत्काल शुरू कराया जा रहा है।

जोनवार मिला बजट (रुपये में)

गोमतीनगर : 96 करोड़

अमौसी : 75 करोड़

जानकीपुरम : 46 करोड़

लखनऊ मध्य : 44.80 करोड़

लखनऊ मध्य में प्रस्तावित कार्य

विवरण कार्य की संख्या खर्च (लाख रुपये)

नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना 127 1633.66

33 केवी लाइन सुधार 6 1428.26

नई एबीसी एलटी लाइनें 47 469.27

11 केवी लाइन सुधार 13 394.94

33 केवी उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ोतरी 3 259.70

पुराने ट्रांसफार्मरों क्षमता बढ़ोतरी 29 234.97

एफसीआई का नया उपकेंद्र चालू

अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने बताया कि रविवार को एफसीआई का दूसरा नया उपकेंद्र सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। इसकी 33 केवी विद्युत लाइन को नो-लोड पर चार्ज कर दिया गया है। इस उपकेंद्र पर पांच एमवीए के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। अगले दो दिनों के भीतर इस नए उपकेंद्र से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *