लखनऊ। बदलते रोजगार बाजार और तकनीकी जरूरतों के बीच कई पारंपरिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम अब युवाओं की पहली पसंद नहीं रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के 88 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में संचालित 22 ट्रेड के 227 कोर्स (यूनिट) इस शैक्षणिक सत्र से बंद कर दिए गए हैं। प्रशिक्षण निदेशालय ने इन पाठ्यक्रमों में लगातार पांच वर्षों तक 30 प्रतिशत से कम प्रवेश होने के आधार पर यह निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी संबंधित प्रधानाचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
करीब 15 वर्षों से राजकीय आईटीआई में संचालित ड्रेस मेकिंग, फैशन डिजाइन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) जैसे पाठ्यक्रम विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का प्रमुख माध्यम रहे हैं लेकिन तकनीक में बदलाव और रोजगार के अवसरों की बदलती प्रकृति के कारण इन ट्रेडों का आकर्षण लगातार कम हुआ। प्रशिक्षण निदेशालय के अनुसार, बीते पांच वर्षों में इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश का ग्राफ लगातार गिरते हुए 30 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गया।
प्रशिक्षण निदेशालय के निदेशक अभिषेक सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 30 प्रतिशत से कम प्रवेश हुए हैं और जिनकी स्थानीय स्तर पर उपयोगिता व लोकप्रियता समाप्त हो चुकी है, उनमें इस सत्र से प्रवेश नहीं लिए जाएंगे। एससीवीटी के संयुक्त निदेशक राधेश्याम ने बताया कि इस वर्ष केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों में प्रवेश होंगे, जिन्हें प्रशिक्षण महानिदेशालय से अनुमोदन प्राप्त होगा। (संवाद)
इन प्रमुख ट्रेडों की यूनिटें भी हुईं प्रभावित
राजधानी समेत प्रदेश के 88 राजकीय आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, फिटर, वेल्डर, टर्नर और कोपा जैसे प्रमुख ट्रेडों के कम प्रवेश वाले पाठ्यक्रमों में भी इस वर्ष प्रवेश नहीं होंगे। इसके अलावा मैकेनिक मोटर व्हीकल, टेक्नीशियन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्राफ्ट्समैन सिविल, मैकेनिक डीजल और कॉस्मेटोलॉजी सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी इस निर्णय के दायरे में हैं।
इन जिलों के सबसे अधिक आईटीआई शामिल
इस निर्णय से लखनऊ, कानपुर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, बरेली, देवरिया, बिजनौर, उन्नाव, आगरा, कन्नौज, सीतापुर, रायबरेली, मऊ, गोरखपुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, फिरोजाबाद, प्रयागराज, संभल, हाथरस, इटावा, बलिया, सोनभद्र सहित अन्य जिलों के राजकीय आईटीआई प्रभावित होंगे।
107 कोर्स दूसरे संस्थानों में होंगे समायोजित
प्रशिक्षण निदेशालय के अनुसार, प्रभावित 227 कोर्स में से 107 को दूसरे संस्थानों में समायोजित किया जाएगा। इसके साथ संबंधित ट्रेडों के समकक्ष अनुदेशकों का भी स्थानांतरण होगा। समायोजन की यह प्रक्रिया इसी शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी।
