
सुसाइड नोट हुआ बरामद।
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ओवरलोड वाहन पास कराने वाले गिरोह के सरगना ने रविवार दोपहर अपनी दूसरी पत्नी के घर की चौखट पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वह जमानत पर जेल से बाहर था। बरामद सुसाइड नोट से पारिवारिक और प्रॉपर्टी विवाद में खुदकुशी करने का अंदेशा है। किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
मूलरूप से बिहार के चंपारण का रहने वाला सतीश सोनी (36) सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में रहता था। मौरंग बालू का व्यापार भी करता था। वह दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गोमतीनगर विस्तार में अवधपुरी चौराहे के पास स्थित अपनी दूसरी पत्नी सरला उर्फ शालू के घर पहुंचा था। घर के बाहर गेट पर ही उसने पिस्टल मुंह में रखकर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी सरला और सास जब बाहर आईं तो सतीश को खून से सना पाया। पुलिस पहुंची और उसको अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सतीश की पहली पत्नी परिवार के साथ बिहार में रहती है। उससे तलाक का केस चल रहा था।
सास से बोला- शालू से मिलवा दो
सतीश काफी देर तक शालू को कॉल करता रहा था, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। इसलिए वह उसके घर पहुंचा। दरवाजा बंद मिला। कहने पर भी दरवाजा नहीं खोला गया। सास से उसने कहा कि एक बार शालू से मिलवा दो। सास ने कहा ठीक, लेकिन शालू बाहर नहीं आई। चंद सेकंड बाद ही उसने गोली मार ली।
दोस्त को भेजा मैसेज, बेटी का बीमा करवा देना
खुदकुशी से पहले सतीश ने अपने विक्की नाम के दोस्त को एक मैसेज भेजा। इसमें लिखा कि अपनी छोटी बेटी से आखिरी बार मिलने जा रहा हूं। उसका बीमा करवा देना। मैसेज पढ़कर वह हैरान रह गया। उससे संपर्क करने की कोशिश की लेकिन तब तक सतीश खुदकुशी कर चुके थे।
प्रॉपर्टी और पारिवारिक विवाद में की खुदकुशी
सतीश के पास से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें प्रॉपर्टी और पारिवारिक विवाद की बातें लिखी हैं। अंदेशा है कि इसी वजह से उसने खुदकुशी की। हालांकि सीधे तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस जांच कर रही है। वहीं जानकारी मिली है कि उसने एक मकान खरीदा था जो भाई के नाम कर दिया था। एक जमीन बहन के पास थी। कुछ दिन पहले उसने भाई से मकान की पॉवर ऑफ अटार्नी अपने नाम कराने की बात कही थी। इस पर भाई तैयार नहीं थे। इन सभी बातों को लेकर विवाद चल रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि दो दिन पहले ही परिजन बिहार से यहां आए थे।
गिरोह चलाकर हर दिन लाखों का करता था खेल
एसटीएफ ने 13 फरवरी 2023 को सतीश सोनी और उसके साथी मुकुल, विशाल गौतम और राहुल चौहान को गिरफ्तार किया था। खुलासा किया था कि गिरोह हर रात ओवरलोड ट्रकों को शहर से पास करवाते हैं। इसके लिए वह बाकायदा अपने लोगों को आरटीओ की टीम के पीछे लगाते हैं। वॉकीटॉकी से बात कर उनकी लोकेशन लेते रहते थे। ट्रांसपोर्टरों से लाखों रुपये की डील होती थी। मामले में वह जमानत पर छूटा था।
