Muzaffarnagar। धनतेरस और दीपावली के उत्सवी माहौल के बीच जानसठ रोड स्थित एस.डी. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ध्यान, प्राणायाम, योग निद्रा और साउंड हीलिंग सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यस्त दिनचर्या के बीच कुछ समय अपने मन और शरीर के लिए निकालने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में स्थित श्री हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और महाविद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की। इसके बाद पांच चरणों में विशेष ध्यान एवं विश्राम सत्र आयोजित किया गया, जिसमें संगीत, श्वास अभ्यास और निर्देशित ध्यान को शामिल किया गया।
परिचय और संकल्प निर्धारण से हुई सत्र की शुरुआत
ध्यान कार्यक्रम के पहले चरण में प्रतिभागियों का परिचय कराया गया और संकल्प निर्धारण के माध्यम से उन्हें मानसिक रूप से एकाग्र करने का प्रयास किया गया। इसके बाद गहरी श्वास लेने के अभ्यास कराए गए, ताकि प्रतिभागी अपने मन को शांत कर आगे होने वाले सत्रों के लिए तैयार हो सकें।
इस अभ्यास में सांसों पर ध्यान केंद्रित करने और शरीर को सहज रखने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को कुछ समय के लिए रोजमर्रा की व्यस्तता से अलग होकर मानसिक विश्राम का अनुभव कराना था।
बांसुरी की धुन के साथ कराया गया प्राणायाम
कार्यक्रम के अगले चरण में श्री यश गुप्ता ने बांसुरी के मधुर सुरों के साथ प्राणायाम कराया। बांसुरी की धुन और श्वास अभ्यास के तालमेल ने सत्र को विशेष स्वरूप दिया। प्रतिभागियों ने संगीत के साथ सांसों को नियंत्रित करने और मन को एकाग्र रखने का अभ्यास किया।
इसके बाद सिंगिंग बाउल्स और मधुर ध्वनि तरंगों के माध्यम से साउंड जर्नी आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न ध्वनियों और संगीत के जरिए प्रतिभागियों को विश्राम और आंतरिक शांति का अनुभव कराने का प्रयास किया गया। सत्र में शारीरिक और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए ध्वनि एवं संगीत के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
अनन्या गुप्ता ने कराया ध्यान और योग निद्रा सत्र
कार्यक्रम के एक अन्य महत्वपूर्ण चरण में श्रीमती अनन्या गुप्ता ने निर्देशित ध्यान एवं योग निद्रा सत्र आयोजित कराया। बांसुरी की मधुर धुनों के बीच प्रतिभागियों को गहन विश्राम, मानसिक एकाग्रता और आत्मचिंतन के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने शांत वातावरण में स्वयं पर ध्यान केंद्रित किया।
योग निद्रा के बाद रिलैक्सेशन एवं इंटीग्रेशन सत्र आयोजित किया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लाया गया। अंत में आत्मचिंतन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस तरह पांच चरणों में आयोजित सत्र में परिचय एवं संकल्प निर्धारण, गहरी श्वास, बांसुरी के साथ प्राणायाम, साउंड जर्नी, ध्यान और योग निद्रा को शामिल किया गया।
अंकिता कुमार ने मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बताया जरूरी
इस अवसर पर श्रीमती अंकिता कुमार, पत्नी श्री अनुभव कुमार (सचिव), ने कहा कि धनतेरस केवल धन और समृद्धि का पर्व नहीं है, बल्कि यह उत्तम स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और जीवन में सुख-शांति के महत्व को भी दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। संगीत, योग, ध्यान और प्राणायाम जैसे अभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त रखने में सहायक हो सकते हैं। इनके नियमित अभ्यास से जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने सभी से दीपावली का पर्व स्वच्छता, सद्भावना, प्रेम और खुशियों के साथ मनाने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि त्योहारों की खुशियों के साथ अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
त्योहारों के बीच स्वास्थ्य और आत्मचिंतन का संदेश
दीपावली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने उत्सव के पारंपरिक स्वरूप के साथ मानसिक स्वास्थ्य और आत्मचिंतन के महत्व को भी सामने रखा। पूजा-अर्चना से शुरुआत और संगीत, प्राणायाम तथा ध्यान के साथ समापन ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं विश्राम-केंद्रित स्वरूप दिया।
एस.डी. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मुजफ्फरनगर में धनतेरस के अवसर पर आयोजित ध्यान एवं साउंड हीलिंग सत्र में बांसुरी, सिंगिंग बाउल्स, प्राणायाम और योग निद्रा के माध्यम से मानसिक शांति का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि त्योहारों की खुशियों के साथ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

