Muzaffarnagar अपराधियों की रोकथाम और लंबे समय से वांछित तथा वारंटी अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत कोतवाली नगर पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत की गई। एसपी सिटी और सीओ सिटी के निकट पर्यवेक्षण में तथा कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
वारंटियों की धरपकड़ के लिए चल रहा ऑपरेशन चक्रव्यूह
मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और न्यायालय से संबंधित मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस टीमों को वारंटी अभियुक्तों की तलाश और गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान पुलिस का फोकस ऐसे आरोपियों पर है, जिनके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी हो चुके हैं और जिन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाना बाकी है।
कोतवाली नगर पुलिस की ताजा कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
पहला आरोपी बिट्टू गिरफ्तार
पुलिस ने पहले वारंटी अभियुक्त के रूप में बिट्टू पुत्र अंचाती उर्फ राकेश को गिरफ्तार किया है। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, बिट्टू वाल्मीकि बस्ती रामपुरी, थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर का निवासी है।
उसके खिलाफ संबंधित मामला मु0अ0सं0 401/20 है। इस मामले में धारा 457, 380 और 411 भारतीय दंड संहिता (भादवि) का उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने उसे उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया।
चोरी से जुड़े मामले में जारी था वारंट
बिट्टू के खिलाफ दर्ज मामले में धारा 457, 380 और 411 भादवि लगाई गई थी। ये धाराएं क्रमशः घर या परिसर में सेंध/रात में प्रवेश जैसे अपराध, चोरी तथा चोरी की संपत्ति से संबंधित अपराधों से जुड़ी रही हैं।
इस मामले में न्यायालय द्वारा जारी वारंट के अनुपालन में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की।
पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी।
दूसरा वारंटी दीपक गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने दीपक पुत्र नानू सिंह को गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, दीपक का पता मकान नंबर 185/5, पुरानी आबकारी, थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर है।
उससे संबंधित मामला धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़ा है। यह प्रावधान सामान्य तौर पर चेक के अनादरण यानी चेक बाउंस से संबंधित मामलों में लागू होता है।
पुलिस ने दीपक को भी उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
चेक बाउंस मामले में भी पुलिस की कार्रवाई
दीपक के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत मामला दर्ज था। न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
चेक अनादरण से जुड़े मामलों में न्यायालय की ओर से जारी प्रक्रिया का पालन करना संबंधित पक्षों के लिए आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में वारंट के अनुपालन के लिए पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अभियान के तहत केवल पारंपरिक आपराधिक मामलों में ही नहीं, बल्कि न्यायालय से संबंधित अन्य लंबित मामलों में भी वारंटियों की धरपकड़ की जा रही है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में किया गया पेश
पुलिस के मुताबिक, दोनों वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद उनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की गई।
इसके बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आगे की कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी न्यायालय द्वारा जारी वारंट के अनुपालन में की गई है।
कोतवाली नगर पुलिस की टीम ने संभाली कार्रवाई
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम का नेतृत्व कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में किया गया।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सोनू कुमार, उपनिरीक्षक शशि कपूर, कांस्टेबल विनीत (303), कांस्टेबल नवीन सैनी (869) तथा रिक्रूट कांस्टेबल अजय (344) शामिल रहे।
टीम ने वारंटियों के संबंध में जानकारी जुटाने के बाद उनके संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की।
एसएसपी के निर्देशन में अभियान पर जोर
ऑपरेशन चक्रव्यूह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ उन आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना है, जिनके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के तहत वारंट जारी हैं।
एसपी सिटी और सीओ सिटी के पर्यवेक्षण में थाना स्तर पर पुलिस टीमों को कार्रवाई के लिए लगाया गया है।
कोतवाली नगर में हुई यह गिरफ्तारी इसी अभियान के तहत की गई कार्रवाई के रूप में सामने आई है।
वारंटियों की गिरफ्तारी क्यों होती है महत्वपूर्ण?
किसी मामले में न्यायालय द्वारा वारंट जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया के सामने उपस्थित कराना आवश्यक होता है। यदि व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होता, तो पुलिस वारंट का अनुपालन कर गिरफ्तारी कर सकती है।
ऐसे अभियानों के माध्यम से लंबित वारंटों का निस्तारण करने और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुजफ्फरनगर में चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस इसी दिशा में कार्रवाई कर रही है।
अपराध नियंत्रण के साथ लंबित मामलों पर भी नजर
पुलिसिंग में अपराध होने से रोकना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी न्यायालय से जुड़े मामलों में लंबित प्रक्रियाओं को पूरा कराना भी है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। इससे उन मामलों में भी आगे की प्रक्रिया शुरू होती है, जिनमें आरोपी लंबे समय से न्यायालय की प्रक्रिया के तहत वांछित रहे हैं।
रामपुरी से पुरानी आबकारी तक पहुंची पुलिस कार्रवाई
इस कार्रवाई में दोनों आरोपी अलग-अलग इलाकों से पकड़े गए। बिट्टू की गिरफ्तारी वाल्मीकि बस्ती रामपुरी क्षेत्र से बताई गई है, जबकि दीपक पुरानी आबकारी क्षेत्र का निवासी है।
पुलिस ने दोनों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार करने की बात कही है। इससे संकेत मिलता है कि टीम ने पहले आरोपियों के पते और मौजूदगी की जानकारी जुटाई और उसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आगे न्यायिक प्रक्रिया
दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। अब संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई न्यायालय के स्तर पर होगी।
यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या वारंट का होना अपने आप में अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होता है।
मुजफ्फरनगर में अभियान के तहत कार्रवाई जारी
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से अपराधियों और वारंटी अभियुक्तों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों का अनुपालन कराने के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
कोतवाली नगर पुलिस की ताजा कार्रवाई में दो अलग-अलग मामलों से जुड़े वारंटियों की गिरफ्तारी हुई है। एक मामला चोरी और संबंधित धाराओं से जुड़ा है, जबकि दूसरा चेक बाउंस यानी एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह में दो गिरफ्तारियों से पुलिस का संदेश साफ
कोतवाली नगर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि न्यायालय से जारी वारंटों को लंबित रखने के बजाय उनके अनुपालन के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिट्टू और दीपक की गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया है।
अभियान के तहत पुलिस अब अन्य लंबित वारंटों और वांछित आरोपियों पर भी नजर रख रही है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयां सामने आ सकती हैं।
मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत थाना कोतवाली नगर पुलिस ने दो वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बिट्टू पुत्र अंचाती उर्फ राकेश, निवासी वाल्मीकि बस्ती रामपुरी, थाना कोतवाली नगर, उम्र करीब 30 वर्ष, के खिलाफ मु0अ0सं0 401/20 में धारा 457, 380, 411 भादवि से संबंधित मामला है। वहीं 45 वर्षीय दीपक पुत्र नानू सिंह, निवासी मकान संख्या 185/5, पुरानी आबकारी, थाना कोतवाली नगर, के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामला है। दोनों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सोनू कुमार, उपनिरीक्षक शशि कपूर, कांस्टेबल विनीत (303), कांस्टेबल नवीन सैनी (869) और रिक्रूट कांस्टेबल अजय (344) शामिल रहे।
