मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट का भ्रमण करने के बाद वापस आकर अधिकारियों को व्यापारियों, मठ-मंदिरों आदि को हुए नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करने, नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का पीडब्ल्यूडी से सेफ्टी ऑडिट कराने, सीवर और नालों का पानी किसी भी दशा में नदी में नहीं जाने देने और घाट के विस्तारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।


सीएम ने रविवार को चित्रकूट दौरे के बाद वापस आकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने, फसल तथा मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्रों की मदद करने को कहा।

ये भी पढ़ें – राम मंदिर चढ़ावा चोरी में महिपाल सिंह का बयान दर्ज, गोविंद देव को महासचिव बनाने पर उठाए सवाल



ये भी पढ़ें – होमगार्ड बनने के लिए एक लाख से अधिक अभ्यर्थी लगाएंगे दौड़, 14 सितंबर से होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा

उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों के बीच किया जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहें।

उन्होंने कहा कि मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था से जुड़ी है। इसकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य की समीक्षा करने के दौरान इसका कार्य विजयादशमी से पहले पूरा करने को कहा। साथ ही इसमें हुई देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। इसके अलावा पशुधन की सुरक्षा के लिए गोशालाओं की जांच कराने, वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और लंपी बीमारी से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक प्रबंध करने को कहा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें