Muzaffarnagar। पटेलनगर स्थित श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 51वें श्रीरामलीला मंचन महोत्सव का बुधवार को भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के साथ भावपूर्ण समापन हो गया। जैसे ही मंच पर प्रभु श्रीराम का राजतिलक संपन्न हुआ, पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
महोत्सव के अंतिम दिन कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नृत्य नाटिकाएं पेश कीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और प्रकाश की अंधकार पर विजय का संदेश दिया गया। श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ मंच पर अयोध्या में रामराज्य की स्थापना का प्रसंग जीवंत हो उठा।
दीप प्रज्ज्वलन और पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
श्रीराम राज्याभिषेक लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेश जैन (गर्ग डुप्लेक्स), नरेंद्र गोयल (दुर्गा इस्पात) और मुकेश गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इससे पूर्व पंडित बृजेन्द्र मिश्रा ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। इसके बाद मंच पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
अतिथियों ने भगवान श्रीराम का राजतिलक कराया तो श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त की। राज्याभिषेक के उपरांत भगवान श्रीराम के अपने भाइयों के साथ अयोध्या का राज-पाट संभालने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दृश्य ने रामलीला महोत्सव के समापन को विशेष धार्मिक और भावनात्मक स्वरूप दिया।
नन्हीं कलाकार अवन्या बंसल की गणेश वंदना ने मोहा मन
समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत नन्हीं कलाकार अवन्या बंसल ने मराठी शैली में भगवान श्रीगणेश की वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत करके की। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। इसके बाद कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक कथाओं और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटिकाएं पेश कीं।
भस्मासुर को वरदान मिलने और उसके वध की लीला का सुंदर मंचन किया गया। इसके माध्यम से भगवान विष्णु की लीला और भगवान श्रीराम के अवतार से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। वहीं, मां काली के रौद्र रूप और महिषासुर वध पर आधारित नृत्य नाटिका भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
सुदामा-कृष्ण की मित्रता की प्रस्तुति ने किया भावविभोर
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस प्रस्तुति के माध्यम से मित्रता, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया गया। अन्य कलाकारों ने भी अपनी नृत्य कला और मंचीय प्रतिभा का सराहनीय प्रदर्शन किया।
धार्मिक प्रसंगों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के समावेश ने समापन समारोह को विविधतापूर्ण बनाया। श्रद्धालुओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
निर्देशकों और कलाकारों को पारितोषिक देकर किया सम्मानित
महोत्सव के समापन पर रामलीला समिति की ओर से अतिथियों ने रामलीला मंचन के निर्देशकों, कलाकारों और सहयोगी कर्मचारियों को पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया। समिति के मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन ने सभी कलाकारों, सहयोगियों और आयोजन में योगदान देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।
इसके बाद भगवान श्रीराम की आरती की गई। आरती के उपरांत अनिल ऐरन ने इस वर्ष के रामलीला मंचन महोत्सव के समापन की घोषणा की। 51वें महोत्सव के सफल आयोजन के साथ पटेलनगर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की परंपरा को एक बार फिर आगे बढ़ाया गया।
समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और कलाकार रहे मौजूद
समापन समारोह में रामलीला समिति के मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, मीना ऐरन, ज्योति ऐरन, गौरव बंसल भिवाड़ी, सुरेंद्र मंगल, विजय मित्तल, प्रमोद गुप्ता, पंकज शर्मा, पीयूष शर्मा, नारायण ऐरन, विजय गुप्ता, मुकेश गोयल, मनीष कपूर, राकेश बंसल, जितेंद्र नामदेव, राजेश मित्तल, भगवती, तनिष्क भारद्वाज, डीके जैन, गौरव मित्तल, अनिल लोहिया, अंशुल गुप्ता, ऋषभ जैन, अमर चौधरी, प्रदीप बॉबी, विपिन जैन, हरिओम मास्टर, आकाश गोयल, सोनू सिंह, विपुल मोहन, यश चौधरी, जितेंद्र उपाध्याय, दीपक डांसर, भूरा डांसर, यश गर्ग, प्रियांशु, पंकज शर्मा, शिवांश ठाकुर, कृष्णा नामदेव, स्पर्श गर्ग और विवेक सिंघल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
पटेलनगर में श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति के 51वें रामलीला महोत्सव का समापन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आरती के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष के बीच कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और धर्म, सत्य तथा सदाचार के संदेश को याद किया।
