Muzaffarnagar में आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मंसूरपुर पुलिस ने ग्राम मुबारिकपुर के जंगलों में संचालित की जा रही एक अवैध पटाखा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने मौके पर छापेमारी करते हुए बड़ी मात्रा में तैयार पटाखों के साथ पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री और उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध रूप से पटाखे बनाने और बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। खासकर त्योहारों से पहले जंगल क्षेत्र में इस तरह का अवैध कारोबार सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार 4 अक्टूबर 2026 को थाना मंसूरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मुबारिकपुर के जंगल में छिपकर बड़े पैमाने पर अवैध पटाखे तैयार किए जा रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने सूचना के आधार पर बताए गए स्थान की घेराबंदी की और इसके बाद छापेमारी की गई।
जंगल में पुलिस की कार्रवाई के दौरान वहां पटाखा बनाने और पैक करने से जुड़ी गतिविधियां सामने आईं। मौके से भारी मात्रा में तैयार पटाखे और अन्य सामग्री बरामद होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
1080 किलो तैयार माचिस पटाखे बरामद
छापेमारी में पुलिस को बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे मिले। पुलिस के मुताबिक मौके से करीब 1080 किलोग्राम तैयार माचिस पटाखे, कुल 90 पेटियां, बरामद की गईं।
इसके अलावा पटाखों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मौके से मिली। पुलिस ने 50 किलो गंधक, 25 किलो बारूद और 125 किलो पिसा हुआ कोयला बरामद किया।
इतनी बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे और निर्माण सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने मौके को जांच के दायरे में लिया और संबंधित सामान को जब्त कर लिया।
पटाखा बनाने का पूरा सामान भी मिला
पुलिस की कार्रवाई में सिर्फ तैयार पटाखे ही नहीं मिले, बल्कि उन्हें तैयार करने और पैक करने से जुड़े उपकरण भी बरामद किए गए।
मौके से पुलिस ने 2 पैकिंग टेप मशीनें, 12,000 खाली डिब्बियां और 17 बंडल पैकिंग रैपर बरामद किए। इसके अलावा सामग्री छानने वाले झरने, टब और इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया गया।
बरामद सामान को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके पर मौजूद सामग्री और उपकरणों के आधार पर पुलिस अवैध फैक्टरी में चल रही गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
अवैध पटाखा फैक्टरी पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार, उम्र 35 वर्ष, पुत्र राजपाल सिंह, निवासी शाहपुर, और उत्कर्ष त्यागी, उम्र 23 वर्ष, पुत्र अनिल कुमार त्यागी, निवासी मुबारिकपुर, मंसूरपुर के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया और बरामद सामग्री को कब्जे में लिया।
अब पुलिस मामले में यह भी जांच कर रही है कि अवैध पटाखा निर्माण का यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और तैयार पटाखों को कहां-कहां सप्लाई किया जाना था।
त्योहारों से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई
त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले अवैध पटाखों के निर्माण और भंडारण को लेकर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। पटाखों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री के कारण ऐसी अवैध फैक्टरियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
ऐसे में मंसूरपुर पुलिस द्वारा जंगल में चल रही कथित अवैध पटाखा फैक्टरी को पकड़ना महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
पुलिस की छापेमारी में तैयार पटाखों के अलावा बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री और पैकिंग से जुड़े सामान की बरामदगी भी हुई है।
विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
थाना मंसूरपुर पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार मु०अ०सं० 291/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ धारा 288/125 तथा 5/9बी(1)(अ) व 9बी(1)(ब) विस्फोटक अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अब सप्लाई नेटवर्क की जांच पर नजर
अवैध पटाखा फैक्टरी से इतनी बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे बरामद होने के बाद जांच का अगला महत्वपूर्ण पहलू इनकी सप्लाई से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुट सकती है कि तैयार पटाखों को कहां भेजा जाना था और इस कारोबार में इनके अलावा कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि जंगल में चल रही इस गतिविधि के लिए आवश्यक सामग्री कहां से लाई जाती थी और तैयार पटाखों की बिक्री किस माध्यम से की जाती थी।
फिलहाल पुलिस की ओर से दो आरोपियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में पटाखों तथा निर्माण सामग्री की बरामदगी की जानकारी दी गई है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
अवैध पटाखा फैक्टरी का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार त्यागी, उप-निरीक्षक अभिषेक गुप्ता, हेड कांस्टेबल ललित भाटी, सोनू कुमार तथा कांस्टेबल लोकेन्द्र कुमार और मनीष कुमार शामिल रहे।
टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जंगल में कार्रवाई की और मौके से तैयार पटाखों तथा अन्य सामग्री को बरामद किया।
जंगल में चल रही गतिविधि से मचा हड़कंप
मुबारिकपुर के जंगल में कथित तौर पर चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा है। खासकर त्योहारों से पहले इतनी बड़ी मात्रा में तैयार पटाखों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने पुलिस के अभियान की गंभीरता को सामने रखा है।
अब मामले की आगे की जांच में अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है। पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर भी दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुबारिकपुर के जंगल में चल रही कथित अवैध पटाखा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में करीब 1080 किलो तैयार माचिस पटाखे, 50 किलो गंधक, 25 किलो बारूद, 125 किलो पिसा हुआ कोयला और पैकिंग से जुड़े उपकरण व सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने राहुल कुमार और उत्कर्ष त्यागी को गिरफ्तार कर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
