Muzaffarnagar। बुढ़ाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने तीन दिन पहले बुढ़ाना तहसील के पीछे रिटायर्ड दरोगा देशपाल के मकान में हुई कथित करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मंदवाड़ा मार्ग पर संदिग्ध बदमाशों की घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ, जबकि क्रॉस फायरिंग के दौरान एक दरोगा भी घायल हो गए। कार्रवाई के बाद पुलिस ने रईस के दोनों बेटों कृशहजाद और शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से चोरी गया 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।

तीन दिन पहले रिटायर्ड दरोगा के घर को बनाया गया था निशाना

जानकारी के अनुसार, बुढ़ाना तहसील के पीछे रहने वाले रिटायर्ड दरोगा देशपाल के मकान में तीन दिन पूर्व चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। चोरों ने घर को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर करोड़ों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था, क्योंकि चोरी की रकम और सामान की कीमत काफी अधिक बताई जा रही थी।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले को सामान्य चोरी की घटना के तौर पर नहीं लिया। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं और संदिग्धों की गतिविधियों तथा संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जाने लगी। बुढ़ाना पुलिस के साथ एसओजी को भी जांच में लगाया गया था।

घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी गए माल की बरामदगी और आरोपियों तक पहुंचना थी। पुलिस लगातार संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी बीच सोमवार देर रात टीम को मंदवाड़ा रोड पर संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली।

मंदवाड़ा रोड पर घेराबंदी, पुलिस को देखते ही फायरिंग का दावा

पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात बुढ़ाना थाना प्रभारी सुभाष अत्री, कस्बा इंचार्ज ललित कसाना और एसओजी टीम को मंदवाड़ा रोड पर कुछ संदिग्धों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू कर दी।

पुलिस का कहना है कि घेराबंदी किए जाने के बाद संदिग्ध बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस टीम को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

इसके बाद मौके पर दोनों तरफ से फायरिंग हुई और कुछ देर के लिए मंदवाड़ा मार्ग का इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। वहीं क्रॉस फायरिंग के दौरान दरोगा सूर्य प्रताप को भी गोली लग गई।

मुठभेड़ में बदमाश और दरोगा घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती

मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए बदमाश और दरोगा सूर्य प्रताप को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अन्य संदिग्धों को भी पकड़ने का प्रयास किया।

इसी दौरान पुलिस ने रईस के दोनों बेटों कृशहजाद और शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनसे चोरी की वारदात और बरामद माल को लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों भाइयों से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, इसमें और कौन लोग शामिल थे और चोरी के माल को कहां-कहां छिपाया गया था।

पुलिस का दावा—चोरी गया 100 प्रतिशत माल बरामद

इस Muzaffarnagar Crime News में सबसे महत्वपूर्ण दावा चोरी गए माल की बरामदगी को लेकर है। पुलिस ने दावा किया है कि तलाशी के दौरान रिटायर्ड दरोगा देशपाल के मकान से चोरी हुआ 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।

करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पूरी संपत्ति की बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी सफलता के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि बरामद माल का वास्तविक मूल्य, उसमें शामिल सामान का विस्तृत विवरण और पुलिस द्वारा की गई बरामदगी की पूरी सूची जांच तथा आधिकारिक कार्रवाई के दौरान स्पष्ट होगी।

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों भाइयों से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य सिर्फ चोरी की वारदात की पूरी कड़ी सामने लाना ही नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि कथित तौर पर चोरी की योजना कैसे बनाई गई और वारदात के बाद माल को कहां रखा गया था।

हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद कई टीमें जांच में जुटी थीं

बुढ़ाना तहसील के पीछे हुई इस चोरी को लेकर पुलिस पर भी आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव था। रिटायर्ड दरोगा के मकान में करोड़ों रुपये की चोरी की सूचना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर सुराग जुटाने शुरू किए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ संभावित रास्तों और ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी क्रम में मंदवाड़ा रोड से मिली सूचना ने पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने में मदद की।

सोमवार देर रात की कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले में दो गिरफ्तारियां की हैं। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के घायल होने और पुलिसकर्मी के भी घायल होने से कार्रवाई और भी चर्चा में आ गई है।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी?

पुलिस ने रईस के दोनों बेटों कृशहजाद और शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाइयों से फिलहाल गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि चोरी की घटना में दोनों की कथित भूमिका क्या थी और वारदात में उनके साथ अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

चोरी के मामलों में अक्सर वारदात के बाद माल को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने या ठिकाने लगाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में पुलिस बरामद माल के साथ-साथ आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

यदि पूछताछ के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस आगे भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

बुढ़ाना में पुलिस कार्रवाई के बाद कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे

इस घटना के बाद बुढ़ाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये का कथित माल घर में किस तरह सुरक्षित था और चोरों ने किस तरीके से वारदात को अंजाम दिया। दूसरा अहम सवाल यह है कि आरोपियों तक पुलिस कैसे पहुंची और चोरी का पूरा माल कहां रखा गया था।

पुलिस की ओर से किया गया 100 प्रतिशत माल बरामदगी का दावा मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है। अब बरामद सामान का सत्यापन, उसकी कीमत का आकलन और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।

साथ ही मुठभेड़ में पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई और उसमें दरोगा सूर्य प्रताप के घायल होने की स्थिति भी कार्रवाई का हिस्सा होगी। घायल बदमाश और दरोगा दोनों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।

पुलिस पूछताछ से खुलेगा चोरी की पूरी साजिश का राज

फिलहाल बुढ़ाना पुलिस और एसओजी के सामने अगला लक्ष्य इस कथित चोरी की पूरी कहानी सामने लाना है। गिरफ्तार दोनों भाइयों से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी या नहीं, चोरी के लिए किस तरह की योजना बनाई गई और चोरी के बाद माल को कहां रखा गया।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपी पहले भी किसी चोरी की घटना में शामिल रहे हैं या उनके खिलाफ पहले से कोई मुकदमे दर्ज हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

बुढ़ाना पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुभाष अत्री, कस्बा इंचार्ज ललित कसाना और एसओजी टीम की भूमिका बताई गई है। पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के खिलाफ की गई कार्रवाई और चोरी के माल की बरामदगी मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी है।

बुढ़ाना की करोड़ों रुपये की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मंदवाड़ा मार्ग पर हुई मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश और दरोगा सूर्य प्रताप घायल हुए। पुलिस ने चोरी गया 100 प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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