Muzaffarnagar पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले में लगातार सामने आ रही ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं के बीच थाना तितावी पुलिस ने एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
इस कार्रवाई को जिले में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से ट्रांसफार्मर चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है और आगे की पूछताछ में कई अन्य मामलों से भी पर्दा उठ सकता है।
विशेष चेकिंग अभियान के दौरान मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिलेभर में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना तितावी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ बदमाश चोरी का सामान ले जाने की तैयारी में हैं और क्षेत्र में सक्रिय हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। शनिवार देर रात गढ़ी देशराज कट के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घेराबंदी की गई और वाहनों की चेकिंग शुरू की गई। पुलिस को उम्मीद थी कि गिरोह के सदस्य इसी मार्ग से गुजर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पुलिस की सतर्कता और रणनीतिक घेराबंदी ने बदमाशों को चौंका दिया, जिसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदल गया।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने की फायरिंग
पुलिस के अनुसार जब संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर बदमाशों ने कथित रूप से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई इस घटना के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर चली कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया। इलाके में देर रात चली इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्रों में भी हलचल मच गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की गई और गिरफ्तारी के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
दो बदमाश घायल, तीन अन्य भी गिरफ्तार
फुगाना क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आदिल पुत्र दिलशाद निवासी न्याजूपूरा तथा साकिब पुत्र हसन निवासी सुजड़ू घायल हुए। दोनों वर्तमान में थाना सिखेड़ा क्षेत्र के निराना गांव में रह रहे थे।
घायल होने के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस ने आबिद, शहंशाह और बाबू नामक तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इस प्रकार कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर गिरोह के एक बड़े हिस्से को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका केवल चोरी तक सीमित नहीं हो सकती और जांच के दौरान अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी भी सामने आ सकती है।
अवैध हथियार, कारतूस और मोटरसाइकिलें बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की हैं। बरामदगी में दो तमंचे 315 बोर, कई जिंदा और खोखा कारतूस, दो चाकू तथा दो मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार इन मोटरसाइकिलों का उपयोग चोरी किए गए सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में किया जाता था। ट्रांसफार्मर चोरी के बाद कॉपर और अन्य धातु सामग्री को तेजी से ठिकाने लगाने के लिए ये वाहन गिरोह के लिए महत्वपूर्ण साधन थे।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद मोटरसाइकिलें आरोपियों की स्वयं की हैं या फिर किसी अन्य अपराध से जुड़ी हुई हैं।
कई थाना क्षेत्रों में वारदातों की कबूली जिम्मेदारी
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने जिले के कई थाना क्षेत्रों में हुई ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने थाना तितावी, छपार, मंसूरपुर और भोपा क्षेत्र में हुई कई वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। इन खुलासों के बाद पुलिस पुराने मामलों की फाइलों को दोबारा खंगाल रही है ताकि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मजबूत किए जा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचे को लगातार नुकसान पहुंचा रहा था। ट्रांसफार्मर चोरी के कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होती थी, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
दिन में रेकी, रात में वारदात; ऐसे काम करता था गिरोह
प्रारंभिक जांच में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य पहले दिन के समय विभिन्न इलाकों में जाकर ट्रांसफार्मरों की स्थिति का निरीक्षण करते थे।
वे यह पता लगाते थे कि कौन-से ट्रांसफार्मर सुनसान स्थानों पर लगे हुए हैं और रात के समय वहां लोगों की आवाजाही कितनी रहती है। पूरी रेकी करने के बाद गिरोह रात में मौके पर पहुंचता था और ट्रांसफार्मर के अंदर मौजूद कीमती सामान को निकालकर फरार हो जाता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरोह काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और वारदातों को अंजाम देने के लिए पहले से पूरी योजना तैयार की जाती थी।
बिजली विभाग को भी हुआ बड़ा नुकसान
ट्रांसफार्मर चोरी केवल एक सामान्य चोरी नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर आम जनता की दैनिक जिंदगी पर पड़ता है। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने या उसके महत्वपूर्ण हिस्से चोरी होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परेशानी बढ़ जाती है।
बिजली विभाग को नए उपकरण लगाने और व्यवस्था बहाल करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा किसानों, छोटे कारोबारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को भी नुकसान झेलना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की चोरी रोकने के लिए पुलिस और बिजली विभाग के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि चोरी किए गए सामान की खरीद-फरोख्त में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी किया गया कॉपर और अन्य सामग्री किन लोगों को बेची जाती थी तथा इस नेटवर्क में और कितने लोग सक्रिय हैं। जांच एजेंसियां मोबाइल रिकॉर्ड, आपराधिक इतिहास और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जिले में लगातार चल रहे विशेष अभियान का उद्देश्य संगठित अपराध, चोरी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
मुजफ्फरनगर में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं के खिलाफ पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और कई मामलों के खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियां गिरोह के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से चोरी की अन्य वारदातों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में भी अहम जानकारी सामने आएगी, जिससे जिले में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
