Muzaffarnagar जिले के रोहाना कलां रेलवे स्टेशन से जुड़ी एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कोरोना महामारी के दौरान जिन ट्रेनों के ठहराव बंद कर दिए गए थे, उनमें से एक महत्वपूर्ण ट्रेन का स्टॉपेज अब दोबारा शुरू हो गया है। रोहाना कलां रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस/अनारक्षित ट्रेन का ठहराव फिर से बहाल होने के बाद स्थानीय निवासियों, छात्र-छात्राओं और नियमित रेल यात्रियों में खुशी का माहौल है।
ट्रेन का ठहराव वापस शुरू होना क्षेत्र के उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों से रेल यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ रहा था। खासकर दिल्ली और हरिद्वार की ओर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा सीधे तौर पर उपयोगी साबित होगी।
लंबे समय से उठ रही थी ट्रेन रोकने की मांग
कोरोना काल के बाद रेलवे संचालन में कई बदलाव हुए थे। इसी दौरान रोहाना कलां क्षेत्र में कई ट्रेनों के ठहराव भी बंद कर दिए गए थे। इसका असर स्थानीय यात्रियों की रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं होने से नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। छात्र-छात्राओं के लिए भी नियमित आवागमन चुनौतीपूर्ण हो गया था।
इसी समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय स्तर पर ट्रेन के स्टॉपेज को दोबारा शुरू कराने की मांग लगातार उठाई जाती रही।
मंत्री अनिल कुमार ने रेल मंत्रालय के सामने उठाया मुद्दा
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल कुमार ने बताया कि रोहाना कलां क्षेत्र की जनता की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इस मुद्दे को सरकार और रेल मंत्री के समक्ष लगातार उठाया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता की ओर से ज्ञापन दिए गए और मौखिक शिकायतों के माध्यम से भी समस्या उनके संज्ञान में लाई गई थी। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ट्रेन के ठहराव की बहाली के लिए लगातार प्रयास किए गए।
लंबे प्रयासों के बाद अब रोहाना कलां रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव फिर शुरू हो गया है।
रोहाना कलां से ट्रेन में सवार हुए मंत्री अनिल कुमार
स्टॉपेज बहाल होने के अवसर पर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने रोहाना कलां स्टेशन से ट्रेन में बैठकर मुजफ्फरनगर तक का सफर भी किया।
इस दौरान उन्होंने ट्रेन के ठहराव से स्थानीय यात्रियों को मिलने वाली सुविधा को प्रत्यक्ष रूप से देखा। ट्रेन में सफर करने के दौरान क्षेत्र की जनता के लिए इस सुविधा के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
ट्रेन का ठहराव दोबारा शुरू होना केवल एक रेलवे सुविधा की बहाली नहीं है, बल्कि नियमित यात्रियों के लिए रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाने वाला कदम भी है।
छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा राहत की उम्मीद
रोहाना कलां और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा के लिए मुजफ्फरनगर और अन्य शहरों की ओर आवागमन करते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए ट्रेन का नियमित और सुविधाजनक ठहराव काफी मायने रखता है।
मंत्री अनिल कुमार ने भी कहा कि स्टॉपेज बहाल होने से छात्र-छात्राओं और आम यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
रेल यात्रा सड़क परिवहन की तुलना में कई यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प होती है। ऐसे में स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव मिलने से रोजाना यात्रा करने वाले विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों का समय तथा अतिरिक्त यात्रा का बोझ कम हो सकता है।
गरीब और आम यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि ट्रेन के ठहराव से क्षेत्र के गरीब तबके के लोगों और आम यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
स्थानीय यात्रियों के लिए किसी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन मिलने का अर्थ है कि उन्हें पहले किसी दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन और समय खर्च नहीं करना पड़ेगा।
यही कारण है कि रोहाना कलां में स्टॉपेज बहाली को क्षेत्रीय जनता के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली और हरिद्वार जाने वालों के लिए अहम सुविधा
रोहाना कलां से दिल्ली और हरिद्वार की दिशा में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी ट्रेन का ठहराव उपयोगी होगा। इन दोनों दिशाओं में विभिन्न कारणों से नियमित यात्राएं होती हैं।
नौकरी, व्यापार, पढ़ाई, पारिवारिक कार्य और अन्य जरूरतों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अब रोहाना कलां से ही इस ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी।
मंत्री ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और जयंत चौधरी का जताया आभार
ट्रेन का स्टॉपेज बहाल होने पर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार किया गया और प्रयासों के बाद ट्रेन का ठहराव दोबारा शुरू हो सका।
इससे क्षेत्रीय स्तर पर रेलवे सुविधा को लेकर लोगों की एक प्रमुख मांग पूरी हुई है।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
रोहाना कलां में ट्रेन स्टॉपेज की पुनर्बहाली के अवसर पर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के दौरान बिजनौर सांसद चंदन चौहान, रोहाना गन्ना समिति के अध्यक्ष अनिल त्यागी, क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य दुष्यंत त्यागी सहित क्षेत्र के हजारों गणमान्य लोग मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर पर लोगों ने ट्रेन के ठहराव की बहाली को राहत देने वाला फैसला माना।
रोहाना कलां स्टेशन की बढ़ेगी उपयोगिता
किसी रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव वहां की उपयोगिता को सीधे प्रभावित करता है। रोहाना कलां में एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज फिर शुरू होने से स्टेशन से यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ा फायदा यही है कि अब दिल्ली और हरिद्वार की दिशा में जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए अनावश्यक रूप से किसी दूसरे स्टेशन तक जाने की जरूरत कम होगी।
लंबे इंतजार के बाद मिली राहत
कोरोना काल के दौरान बंद हुए ट्रेन ठहरावों को वापस शुरू कराने की मांग कई क्षेत्रों में लंबे समय से उठती रही है। रोहाना कलां में भी स्थानीय लोगों की ओर से इस सुविधा की बहाली की मांग जारी रही।
अब दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस/अनारक्षित ट्रेन का स्टॉपेज दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिली है। खासतौर पर रोजाना यात्रा करने वाले छात्र, कर्मचारी, कारोबारी और आम यात्री इस बदलाव से लाभान्वित होंगे।
Muzaffarnagar News में रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर अहम अपडेट
मुजफ्फरनगर के रोहाना कलां रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव बहाल होना जिले की स्थानीय परिवहन व्यवस्था से जुड़ी अहम खबर है। एक तरफ इससे यात्रियों को सीधे रेल सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी तरफ स्टेशन और आसपास के क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
ट्रेन के ठहराव को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग के बाद अब मिली इस सुविधा से स्थानीय लोगों में स्वाभाविक रूप से खुशी है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और नियमित आवागमन पर इसका प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
रोहाना कलां रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस/अनारक्षित ट्रेन का ठहराव दोबारा शुरू होना स्थानीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। कोरोना काल के बाद बंद हुई इस सुविधा की बहाली के लिए क्षेत्रीय जनता की मांग और लगातार किए गए प्रयासों के बाद यह कदम सामने आया है। छात्रों, आम यात्रियों और गरीब तबके के लोगों के साथ दिल्ली व हरिद्वार की ओर जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
