Muzaffarnagar में भारतीय जनता पार्टी की महिला पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद मातृशक्ति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विशाल जन आक्रोश महिला धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रेमपुरी चौराहा स्थित ईदगाह के सामने, समाजवादी पार्टी के सांसद Harendra Malik के निवास स्थान के निकट आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी, पर महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान महिला सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की गई।


‘33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का अधिकार’, मीनाक्षी स्वरूप का बड़ा बयान

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता Meenakshi Swaroop ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का योगदान समाज और देश के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, इसलिए लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि महिलाओं का अधिकार है। मीनाक्षी स्वरूप ने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्षी दल महिलाओं की भावनाओं और उनके अधिकारों का अपमान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लाया गया यह अधिनियम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।


‘मातृशक्ति की ताकत को कम मत आंकिए’, अंजलि चौधरी का संदेश

कार्यक्रम की जिला संयोजक और जिला उपाध्यक्ष Anjali Chaudhary ने महिलाओं की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि आज का यह प्रदर्शन विपक्ष को स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं।

उन्होंने कहा कि मातृशक्ति लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और महिलाएं अपने सम्मान और अधिकारों के लिए कभी पीछे नहीं हटेंगी। अंजलि चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा।


भाजपा जिलाध्यक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना

भाजपा जिलाध्यक्ष Sudhir Saini ने विपक्षी दलों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है और इसका विरोध केवल संकीर्ण राजनीतिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम आने वाले समय में भारतीय राजनीति की तस्वीर बदल सकता है।


महिला नेताओं ने महिला आरक्षण के समर्थन में रखे विचार

धरना प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री ममता अग्रवाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता सैनी, विमल चौहान, जिला उपाध्यक्ष श्वेता कौशिक और आंचल तोमर सहित कई महिला नेताओं ने भी अपने विचार रखे।

सभी वक्ताओं ने महिला आरक्षण को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएंगे। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।


भारी संख्या में जुटी मातृशक्ति, क्षेत्र में दिखा राजनीतिक माहौल

धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और महिला समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया और महिलाओं ने एकजुट होकर महिला सशक्तिकरण के समर्थन में आवाज उठाई।

इस दौरान महेशो चौधरी, विमला चौधरी, मनी पटपटिया, विशाखा सैनी, मोनाली पंवार, दुलारी मित्तल, रेखा वर्मा, अंजू शर्मा और सीमा गोस्वामी सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

इसके अलावा विशाल मखियाली, जोगिंद्र गुर्जर, शिवकुमार त्यागी, दीपक मित्तल, प्रवीण खेड़ा, विनीत ठाकुर, हरीश गुप्ता, रोहित जैन, रामकुमार वर्मा और अन्य भाजपा पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष के कुछ दल इसके लागू होने की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले चुनावों में भी बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। खासकर महिला मतदाताओं के बीच यह मुद्दा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


महिला सशक्तिकरण को लेकर भाजपा का आक्रामक रुख

राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक रणनीति अपनाए हुए है। पार्टी महिला आरक्षण, उज्ज्वला योजना, महिला सुरक्षा और स्वावलंबन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच उठा रही है।

मुजफ्फरनगर में आयोजित यह प्रदर्शन भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां महिलाओं की बड़ी भागीदारी के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई।


मुजफ्फरनगर में आयोजित भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में महिलाओं की भारी भागीदारी और महिला आरक्षण के समर्थन में उठी आवाज ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण का मुद्दा राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बना रह सकता है। वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस विषय पर बयानबाजी और बहस के और तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।



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