Muzaffarnagar में इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरसती आग और धरती से उठती तपिश के बीच लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि लोगों को गर्मी 45 डिग्री जैसी महसूस हो रही है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों को बेहाल कर दिया है।

हालात इतने खराब हैं कि दोपहर के समय बाजार, सड़कें और चौराहे लगभग सुनसान नजर आने लगे हैं। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सुबह 10 बजे के बाद से ही गर्म हवाओं का दौर शुरू हो जाता है, जो शाम करीब 5 बजे तक लगातार जारी रहता है।


हीटवेव का असर, दोपहर में सूनी दिखीं सड़कें

मुजफ्फरनगर में पड़ रही तेज गर्मी ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी है। आम दिनों में जहां बाजारों और मुख्य सड़कों पर भीड़ दिखाई देती थी, वहीं अब दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं।

दोपहर के वक्त धूप इतनी तेज हो रही है कि कुछ मिनट बाहर खड़े रहना भी मुश्किल महसूस हो रहा है। लोग गर्मी और लू से बचने के लिए घरों और दफ्तरों के अंदर रहने को मजबूर हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है।


गर्म हवाओं ने बढ़ाई परेशानी, कूलर और एसी भी बेअसर

भीषण गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेज चलने वाली हवाएं भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही हैं। लगभग 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं भी गर्म होकर लू में बदल रही हैं।

लोगों का कहना है कि कई इलाकों में कूलर और एसी भी गर्मी के सामने बेअसर साबित हो रहे हैं। दिन के समय घरों के अंदर भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।

गर्मी के कारण बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव महसूस किया जा रहा है।


लू से बचने के लिए लोग कर रहे खास इंतजाम

भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक सिर और चेहरे को कपड़े, साफे या गमछे से ढककर निकल रहे हैं।

महिलाएं और युवतियां भी धूप से बचने के लिए मास्क, स्कार्फ और कपड़ों से अपना चेहरा ढक रही हैं। कई लोग धूप में निकलने से पहले छाते और सनग्लास का इस्तेमाल कर रहे हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।


बेल का शरबत और गन्ने के रस की बढ़ी मांग

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब पारंपरिक ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। शहर में गन्ने का रस, बेल का शरबत, शिकंजी, ठंडी लस्सी और आइसक्रीम की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है।

विशेष रूप से बेल के जूस की मांग तेजी से बढ़ी है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार बेल का शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ डिहाइड्रेशन से बचाने में भी मदद करता है।

गन्ने का रस बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में काफी इजाफा हुआ है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए लगातार ठंडे पेय पदार्थ खरीद रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

चिकित्सकों ने कहा है कि—

  • अधिक मात्रा में पानी पिएं
  • शरीर को ढककर रखें
  • खाली पेट बाहर न निकलें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
  • धूप में अधिक देर तक रहने से बचें

विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।


बुजुर्गों और बच्चों के लिए बढ़ा खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ता है। इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने लगते हैं।

अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने लोगों को पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान की सलाह दी है।


किसानों और मजदूरों पर भी गर्मी की मार

भीषण गर्मी का असर खेतों और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करना बेहद कठिन हो गया है।

कई मजदूर सुबह जल्दी और शाम के समय काम करने को मजबूर हैं ताकि तेज धूप और लू से बचा जा सके। ग्रामीण इलाकों में भी लोग दोपहर के समय घरों के अंदर रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं।


आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह ऊंचा बना रह सकता है।

हीटवेव को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह और शाम के समय ही बाहर निकलना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।


मुजफ्फरनगर में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बढ़ते तापमान, गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे मौसम में सतर्कता और बचाव ही सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा है। चिकित्सकों और प्रशासन की सलाह मानते हुए लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है।

 



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