Muzaffarnagar जनसंख्या स्थिरता, परिवार नियोजन और बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। 11 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, कूकड़ा से जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
रैली के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों तक परिवार नियोजन, जनसंख्या स्थिरता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और छोटे एवं सुखी परिवार के महत्व का संदेश पहुंचाया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और एएनएम प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित सरकारी सेवाओं और सुविधाओं के बारे में जागरूक किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने रैली का शुभारंभ करते हुए जनसंख्या स्थिरता को स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से पखवाड़े के दौरान अधिक से अधिक पात्र दंपत्तियों तक पहुंचने और उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
11 से 24 जुलाई तक चलेगा विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
मुजफ्फरनगर जनपद में विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 11 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन से जुड़ी विशेष जागरूकता गतिविधियां और सेवाएं संचालित की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक परिवार नियोजन के महत्व की जानकारी पहुंचाना और पात्र दंपत्तियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।
अभियान के दौरान लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध परिवार के स्वास्थ्य, बच्चों की बेहतर परवरिश, महिलाओं की सुरक्षा और परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से भी है।
इसी व्यापक उद्देश्य को लेकर मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग ने जनजागरूकता रैली के माध्यम से अभियान की गतिविधियों को गति दी।
एएनएम प्रशिक्षण केंद्र कूकड़ा से निकली जागरूकता रैली
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित जनजागरूकता रैली एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, कूकड़ा से शुरू हुई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने रैली का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षणार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन से जुड़े जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को छोटे परिवार के महत्व के बारे में बताया।
इस दौरान आम नागरिकों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि परिवार की योजना बनाते समय स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
CMO डॉ. सुनील तेवतिया बोले- स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है जनसंख्या स्थिरता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनसंख्या स्थिरता के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरता स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण की आधारशिला है। परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है और परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं है, बल्कि समाज में ऐसी जागरूकता विकसित करना भी है जिससे लोग स्वस्थ जीवन से जुड़े बेहतर और जिम्मेदार निर्णय ले सकें।
परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
पात्र दंपत्तियों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को दिया संदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पखवाड़े के दौरान अधिक से अधिक पात्र दंपत्तियों तक पहुंचकर उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी जाए।
इसके साथ ही लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर उपलब्ध परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि वे सीधे समुदाय और परिवारों के संपर्क में रहते हैं।
गांव, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी लोगों तक सही जानकारी पहुंचाकर परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों और संकोच को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
‘छोटा परिवार-सुखी परिवार’ के संदेश से गूंजा अभियान
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन से जुड़े जागरूकता नारों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक किया।
‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ और ‘स्वस्थ परिवार, समृद्ध समाज’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों का ध्यान जिम्मेदार परिवार नियोजन की ओर आकर्षित किया गया।
रैली में शामिल एएनएम प्रशिक्षणार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के बारे में जानकारी दी।
इसके साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि परिवार नियोजन अपनाने से परिवार के प्रत्येक सदस्य को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
परिवार नियोजन केवल जनसंख्या का नहीं, बेहतर भविष्य का भी सवाल
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान स्वास्थ्य विभाग का विशेष जोर इस बात पर है कि परिवार नियोजन को केवल बढ़ती जनसंख्या के संदर्भ में न देखा जाए।
एक सुनियोजित परिवार बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर बेहतर ध्यान दे सकता है।
परिवार के सदस्यों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन होने से आर्थिक दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ने से मातृ स्वास्थ्य में सुधार, बच्चों की बेहतर देखभाल और परिवार के समग्र जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।
यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग पखवाड़े के दौरान परिवार नियोजन को व्यापक सामाजिक और स्वास्थ्य अभियान के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के अभियान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्रमुखता दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार परिवार नियोजन से महिलाओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
पखवाड़े के दौरान लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
स्थायी और अस्थायी साधनों की दी जाएगी जानकारी
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान पात्र दंपत्तियों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे लोगों तक सही, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी पहुंचाएं।
परिवार नियोजन से संबंधित किसी भी विकल्प को अपनाने के लिए उचित चिकित्सकीय परामर्श और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग का जोर पात्र दंपत्तियों को उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर है, ताकि उन्हें प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से आवश्यक जानकारी और सेवाएं प्राप्त हो सकें।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील
रैली के दौरान आम लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं और सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे।
जनपद के स्वास्थ्य संस्थानों पर पखवाड़े के दौरान विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जहां लोगों को परिवार नियोजन संबंधी जानकारी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विभाग ने जनपदवासियों से इन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
डॉ. दिव्या वर्मा और डॉ. गीतांजलि वर्मा समेत अधिकारियों की रही मौजूदगी
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित जनजागरूकता रैली में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. गीतांजलि वर्मा, अपर शोध अधिकारी आनंद कुमार और जिला परिवार कल्याण एवं लॉजिस्टिक्स प्रबंधक डॉ. दिव्यांक दत्त उपस्थित रहे।
इसके अलावा पीएसआई संस्था की जिला प्रतिनिधि सुश्री भारती रावत, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र कूकड़ा की प्रधानाचार्या श्रीमती सरिता और श्रीमती सोनी ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और एएनएम प्रशिक्षणार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक रैली में हिस्सा लिया।
एएनएम प्रशिक्षणार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
जनजागरूकता रैली में एएनएम प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
समुदाय के बीच जाकर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना, महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और परिवार नियोजन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना उनके कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रैली में उनकी भागीदारी ने अभियान को अधिक प्रभावी और जनसंपर्क आधारित स्वरूप प्रदान किया।
गांव से शहर तक पहुंचाया जाएगा जनसंख्या स्थिरता का संदेश
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के संदेश को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना है।
जनपद के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों तक परिवार नियोजन और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वास्थ्यकर्मी पात्र दंपत्तियों से संपर्क कर उन्हें उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं के बारे में बताएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं।
जागरूकता से दूर होंगी परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियां
परिवार नियोजन को लेकर समाज के कुछ वर्गों में आज भी जानकारी की कमी और विभिन्न भ्रांतियां देखने को मिलती हैं।
ऐसे में जनजागरूकता अभियान की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि लोगों तक प्रमाणिक और स्पष्ट जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे किसी भ्रम या गलत धारणा के बजाय उचित चिकित्सकीय सलाह के आधार पर निर्णय ले सकें।
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा इसी उद्देश्य से लोगों के बीच संवाद और जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
स्वस्थ परिवार से ही बनेगा समृद्ध समाज
रैली के दौरान दिया गया ‘स्वस्थ परिवार, समृद्ध समाज’ का संदेश अभियान के व्यापक उद्देश्य को सामने लाता है।
किसी भी समाज की प्रगति उसके नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से जुड़ी होती है।
यदि परिवार स्वस्थ और आर्थिक रूप से सक्षम होंगे तो बच्चों की शिक्षा, पोषण और विकास के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
इसी कारण परिवार नियोजन को स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास से भी जोड़कर देखा जाता है।
24 जुलाई तक स्वास्थ्य संस्थानों पर चलेंगी विशेष गतिविधियां
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 24 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा।
इस दौरान जनपद के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन से संबंधित विशेष जागरूकता गतिविधियां और सेवाएं संचालित की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पात्र दंपत्तियों तक पहुंचकर उन्हें उपलब्ध विकल्पों और सरकारी सेवाओं की जानकारी देंगे।
इसके साथ ही जनसामान्य को छोटे और स्वस्थ परिवार के महत्व के प्रति जागरूक करने के प्रयास भी जारी रहेंगे।
जनभागीदारी से सफल होगा विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती। इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से परिवार नियोजन सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने और आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
इसके साथ ही लोगों से स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी को अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने का भी संदेश दिया गया है।
मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग का व्यापक जागरूकता अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में शुरू किया गया विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा जनपद में परिवार नियोजन और स्वास्थ्य जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास है।
एएनएम प्रशिक्षण केंद्र कूकड़ा से निकली जनजागरूकता रैली के माध्यम से अभियान की शुरुआत करते हुए आम लोगों तक छोटे परिवार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और उपलब्ध सरकारी सेवाओं का संदेश पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र दंपत्तियों तक पहुंचकर उन्हें परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर में 11 से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा परिवार नियोजन को केवल जनसंख्या से जुड़ा विषय मानने के बजाय स्वस्थ मां, सुरक्षित बचपन और आर्थिक रूप से मजबूत परिवार के व्यापक संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र कूकड़ा से शुरू हुई जनजागरूकता रैली ने ‘छोटा परिवार-सुखी परिवार’ और ‘स्वस्थ परिवार-समृद्ध समाज’ का संदेश दिया। अब जनपद के स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष गतिविधियों और सेवाओं के माध्यम से पात्र दंपत्तियों तक पहुंचकर उन्हें परिवार नियोजन की सुविधाओं से जोड़ने का अभियान 24 जुलाई तक जारी रहेगा।
