Muzaffarnagar के रतनपुरी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, टोडा नगला मार्ग पर चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी समेत दो शातिर हिस्ट्रीशीटर भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों अभियुक्त पैर में गोली लगने से घायल हुए, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक जिंदा गोवंश, चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन अवैध तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस तथा कथित गोकशी के उपकरण बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी आपस में भाई हैं और रतनपुरी थाने के हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं। इनमें से एक आरोपी रिजवान पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र से भी वांछित बताया गया है।
टोडा नगला मार्ग पर संदिग्ध बाइक ने खींचा पुलिस का ध्यान
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह और थाना प्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में रतनपुरी पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी।
बताया गया कि पुलिस टीम ग्राम टोडा नगला मार्ग पर मौजूद थी। इसी दौरान एक चकरोड पर मोटरसाइकिल संदिग्ध अवस्था में खड़ी दिखाई दी।
पुलिस टीम जब मोटरसाइकिल को चेक करने के लिए वहां पहुंची तो कथित तौर पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग की।
अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े।
इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ की सूचना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई। घायल आरोपियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
15 हजार रुपये का इनामी रिजवान पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रिजवान पुत्र बाबू, निवासी ग्राम रियावली नंगला, थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर शामिल है।
रिजवान पर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह थाना भोजपुर, गाजियाबाद से वांछित बताया गया है। इसके अलावा वह थाना रतनपुरी का हिस्ट्रीशीटर भी बताया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रिजवान के खिलाफ गोवध, गैंगस्टर, जानलेवा हमला और आम्र्स एक्ट समेत विभिन्न आरोपों से संबंधित कुल 34 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि वह एक अन्य जनपद के मामले में भी वांछित बताया गया था।
रिहान भी रतनपुरी थाने का हिस्ट्रीशीटर
दूसरे गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिहान पुत्र बाबू के रूप में हुई है। वह भी ग्राम रियावली नंगला, थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर का निवासी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, रिहान थाना रतनपुरी का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ गोवध, गैंगस्टर और जानलेवा हमला आदि से संबंधित कुल 16 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इस प्रकार एक ही कार्रवाई में पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को पकड़ा है, जिनका आपराधिक इतिहास पहले से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताया गया है।
दोनों आरोपियों के पैर में लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगने की जानकारी पुलिस ने दी है। घायल होने के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक, उपचार के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुठभेड़ से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी की स्वतंत्र जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है।
एक जिंदा गोवंश बरामद होने का दावा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जिंदा गोवंश बरामद करने का दावा किया है।
इसके साथ ही मौके से कथित रूप से गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस ने इनमें छुरी, दाव और लकड़ी का गुटका आदि शामिल होने की जानकारी दी है।
बरामदगी के बाद पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की बात कही है।
चोरी की स्प्लेंडर बाइक भी मिली
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है, जिसे चोरी की बताया गया है।
अब पुलिस वाहन के संबंध में भी जांच करेगी कि मोटरसाइकिल किस स्थान से चोरी हुई थी और उसका इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया।
वाहन की पहचान और संबंधित रिकॉर्ड की जांच से पुलिस को आरोपियों के कथित नेटवर्क और उनकी गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलने की संभावना है।
तीन तमंचे और कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे 315 बोर और एक तमंचा 12 बोर बरामद किए जाने की जानकारी दी है।
इनके साथ जिंदा और खोखा कारतूस भी बरामद होने का दावा किया गया है।
अवैध हथियारों की बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब बरामद हथियारों की स्थिति, उनके इस्तेमाल और मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
गोकशी के उपकरण मिलने से जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने छुरी, दाव और लकड़ी के गुटके जैसे उपकरण बरामद होने की बात कही है। इन्हें पुलिस ने गोकशी के उपकरण बताया है।
इस बरामदगी के आधार पर मामले में गोवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि बरामद गोवंश को कहां ले जाया जा रहा था और कथित तौर पर उसके संबंध में आगे की योजना क्या थी।
भोजपुर गाजियाबाद से भी वांछित था रिजवान
रिजवान की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है क्योंकि पुलिस के अनुसार वह थाना भोजपुर, गाजियाबाद से वांछित था।
एक जनपद से जुड़े मामले में वांछित आरोपी का दूसरे क्षेत्र में पकड़ा जाना पुलिस रिकॉर्ड और अपराधियों की आवाजाही को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है।
पुलिस अब गाजियाबाद से जुड़े मामले में भी उसकी स्थिति और कथित भूमिका की जानकारी जुटा सकती है।
34 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया
पुलिस ने रिजवान के खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी है। इन मामलों में गोवध, गैंगस्टर, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट जैसे अपराधों का उल्लेख किया गया है।
इतने मामलों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद पुलिस की नजर लंबे समय से उस पर होने की बात सामने आती है।
वहीं दूसरे आरोपी रिहान के खिलाफ भी 16 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया है।
दोनों भाई एक ही गांव के रहने वाले
रिजवान और रिहान दोनों ग्राम रियावली नंगला, थाना रतनपुरी के निवासी बताए गए हैं। दोनों के पिता का नाम बाबू बताया गया है।
एक ही परिवार से जुड़े दोनों आरोपियों की एक साथ गिरफ्तारी इस कार्रवाई को और महत्वपूर्ण बनाती है।
पुलिस अब यह भी जांच सकती है कि दोनों की कथित आपराधिक गतिविधियों में एक-दूसरे की क्या भूमिका रही और क्या दोनों अन्य मामलों में भी साथ रहे हैं।
रतनपुरी पुलिस की कार्रवाई से इलाके में बढ़ी हलचल
मुठभेड़ और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना के बाद रतनपुरी क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। पुलिस की ओर से अपराधियों की धरपकड़ और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
टोडा नगला मार्ग पर चेकिंग के दौरान हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को भी सामने रखा है।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए गश्त और चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को संदिग्ध मोटरसाइकिल दिखाई दी।
मुठभेड़ के बाद बरामदगी की भी होगी जांच
मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार, कारतूस, बाइक, गोवंश और अन्य सामान को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
बरामदगी से जुड़े प्रत्येक सामान की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी। हथियारों की जांच, कारतूस की संख्या और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि बरामद मोटरसाइकिल वास्तव में चोरी की है या नहीं और यदि चोरी की है तो वह किस मामले से संबंधित है।
गंभीर धाराओं में होगी विधिक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, आर्म्स एक्ट और गोवध निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इन प्रावधानों के तहत दर्ज मामलों में आगे की प्रक्रिया पुलिस जांच और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
आरोपियों को अस्पताल में उपचार दिलाने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस टीम में कौन-कौन रहा शामिल?
रतनपुरी पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार के साथ उपनिरीक्षक नेमपाल सिंह और उपनिरीक्षक अनुभव चौधरी शामिल रहे।
इसके अलावा हेड कांस्टेबल 513 नवीन, कांस्टेबल 1096 विष्णु, कांस्टेबल 2463 शिवकुमार और कांस्टेबल 1821 प्रमोद कुमार ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।
पुलिस टीम ने संदिग्ध मोटरसाइकिल की जांच से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से बरामद सामान को जब्त किया।
अपराधियों के खिलाफ अभियान में एक और कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से लगातार वांछित और आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। रतनपुरी की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
पुलिस का फोकस ऐसे आरोपियों पर है, जिनका आपराधिक इतिहास दर्ज है या जो अन्य मामलों में वांछित चल रहे हैं।
रिजवान पर इनाम घोषित होना और भोजपुर थाने से वांछित होना इस कार्रवाई को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
अब पुलिस खंगालेगी दोनों आरोपियों की अन्य गतिविधियां
गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल के साथ उनके संभावित संपर्कों और अन्य मामलों में भूमिका की भी जांच कर सकती है।
विशेष रूप से यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बरामद बाइक और हथियारों का संबंध किसी अन्य आपराधिक घटना से है।
साथ ही पुलिस कथित तौर पर बरामद गोवंश और उपकरणों के संबंध में भी जानकारी जुटाएगी।
कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगी अंतिम स्थिति
पुलिस ने मुठभेड़ और गिरफ्तारी को लेकर अपनी कार्रवाई की जानकारी दी है। गिरफ्तार दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग, बरामदगी और आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों की जांच भी प्रक्रिया का हिस्सा होगी।
फिलहाल रतनपुरी पुलिस की इस कार्रवाई में दो हिस्ट्रीशीटर भाइयों की गिरफ्तारी, एक इनामी आरोपी का पकड़ा जाना और हथियारों समेत कई सामान की बरामदगी प्रमुख बिंदु हैं।
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में टोडा नगला मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस के अनुसार 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी रिजवान पुत्र बाबू और उसके भाई रिहान पुत्र बाबू को गिरफ्तार किया गया। दोनों ग्राम रियावली नंगला, थाना रतनपुरी के निवासी और हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, रिजवान थाना भोजपुर गाजियाबाद से वांछित था और उसके खिलाफ गोवध, गैंगस्टर, जानलेवा हमला व आर्म्स एक्ट समेत 34 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रिहान के खिलाफ ऐसे ही मामलों में 16 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया है। पुलिस ने दोनों के पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपियों के कब्जे से एक जिंदा गोवंश, चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, दो 315 बोर और एक 12 बोर तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस तथा छुरी, दाव और लकड़ी का गुटका आदि उपकरण बरामद किए जाने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ बीएनएस, आर्म्स एक्ट और गोवध निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
