लखनऊ। मौसम पूर्वानुमान और आपदा पूर्व चेतावनी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने मौसम केंद्र लखनऊ को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लखनऊ केंद्र को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का अधिकार क्षेत्र प्राप्त होगा।

इस महत्वपूर्ण निर्णय की औपचारिक घोषणा आठ जून को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में की जाएगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी माैजूद रहेंगे।

विभाग का कहना है कि आरएमसी का दर्जा मिलने से गंगा के घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम की निगरानी, सटीक पूर्वानुमान और समयबद्ध पूर्व चेतावनी सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इससे भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं के प्रति बेहतर तैयारी संभव हो सकेगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार लखनऊ में पहली मौसम वेधशाला वर्ष 1894 में स्थापित की गई थी। बाद में वर्ष 1972 में इसे अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में स्थानांतरित कर मौसम केंद्र लखनऊ के रूप में विकसित किया गया।



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