Pran Pratishtha: Guests will taste 50 types of dishes, special food of every state will get a place in the men

कारसेवकपुरम में भंडारे शुरू हो चुके हैं।
– फोटो : अमर उजाला

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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने आने अतिथियों को देसी व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। अयोध्या की गरिमा के अनुरूप पूरी तरह से शुद्ध सात्विक भोजन ही परोसा जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं। अलग-अलग राज्यों की पहचान रखने वाले व्यंजन भी बनेंगे। मसलन लिट्टी-चोखा, राजस्थानी दाल बाटी चूरमा, पंजाबी तड़का, दक्षिण भारतीय मसाला डोसा और इडली, बंगाली रसगुल्ले, जलेबी जैसे कई खास व्यंजन और मिठाइयों को मेन्यू में शामिल किया गया है।

संघ नेता गजेंद्र सिंह ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र पुरम में साधु-संतों व विशिष्ट जनों के लिए खान-पान की व्यवस्था की गई है। यहां छह उपनगर निर्मित किए गए हैं। अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग भोजनालय बनाए गए हैं। बाग बिजेसी के एक नगर में पंजाब का भोजनालय होगा। अन्य नगरों में तेलंगाना, महाराष्ट्र व राजस्थान के भक्तों की ओर से लंगर की व्यवस्था की जाएगी। वहीं अलग-अलग स्थानों पर भी भोजनालय संचालित किया जाएगा। उदासीन आश्रम के सामने स्थित भोजनालय इस्कान मंदिर की ओर से संचालित किया जाएगा। अक्षय पात्र फाउंडेशन ने भी एक भोजनालय अपने जिम्मे लिया है। दक्षिण भारत की अम्मा जी रसोई की ओर से भी भोजनालय संचालित किया जाएगा।

साधु-संतों व अतिथियों को मिलेंगे ये पकवान

समारोह में साधु-संतों के लिए विशेष इंतजाम हैं। फलाहार के अलावा इनके लिए कुट्टू के आटे की पूड़ी, साबूदाना के आइटम, मूंगफली की व्यवस्था की है। इसके अलावा गेहूं के आटे की पूड़ी, चार प्रकार की सब्जी, रोटी, बासमती चावल, गोविंद भोग चावल, कचौड़ी, दाल, पापड़, खीर, करीब 10 तरह की मिठाइयां रहेंगी। नाश्ते में दही जलेबी, मूंग की दाल और गाजर का हलवा, चाय, कॉफी, चार पांच तरह की पकौडि़यों के इंतजाम किए गए हैं। इसमें क्या घटाया बढ़ाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा चल रही है।

मशीन से एक बार में बनेगी दस हजार इडली

हजारों अतिथियों व भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली से एक मशीन मंगाई जा रही है जो एक बार में दस हजार इडली निकालेगी। यह मशीन 15 जनवरी तक अयोध्या पहुंच जाएगी। कन्नौज से आलू, छत्तीसगढ़ से चावल, असम से चाय की पत्ती व अदरक, अमेठी से राजेश मसाले, बुलंदशहर से चीनी, राजस्थान से घी समेत बड़ी मात्रा में खाद्यान लगातार आ रहे हैं।

मेहमान चखेंगे इन व्यंजनों का स्वाद

राजस्थान – दाल बाटी चूरमा, मोहन थाल, मावा कचोर, कलाकंद, प्याज़ की कचोर, कढ़ी, मूंग की दाल का हलदा, मालपूआ

गुजरात- ढोकला बासुंदी, आलू वड़ी, मेथी साग, गुजराती खिचड़ी, मोहन थाल, गुजराती कढ़ी

तेलंगाना- पुंटिकुरा चना दाल, बचली कुरा, चना दाल, मूंगफली से बना सर्वपिंडी, बचाली कुरा एक पत्तेदार सब्जी है जिसे मालाबार पालक या सीलोन पालक के नाम से भी जाना जाता है।

महाराष्ट्र-पाव भाजी, वड़ा पाव, पोहा, साबूदाना खिचड़ी, सोल कढ़ी, आमटी (महाराष्ट्रीयन दाल)

दक्षिण भारतीय व्यंजन- इडली, बड़ा, उपमा, सांबर, नारियल की चटनी



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