जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले 13 कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही प्राथमिकी दर्ज होगी। नगर पालिका परिषद उरई के अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरिल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, जनगणना किट न लेने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया है।
ईओ ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक निर्धारित किया गया है। इस कार्य के लिए सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों और अन्य कर्मचारियों को प्रगणक एवं सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया था। नगर पालिका कार्यालय में 22 और 23 मई को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र तथा जनगणना किट वितरित की गई, लेकिन 13 कर्मचारी न तो कार्यालय पहुंचे और न ही उन्होंने आवश्यक सामग्री प्राप्त की। इससे जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है।
अधिशासी अधिकारी का कहना है कि जनगणना कार्य समयबद्ध और राष्ट्रीय महत्व का है। संबंधित कर्मचारी लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर उदासीनता दिखाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है और सभी कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
