सावन माह में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि सुगम (वीआईपी) दर्शन और आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पास की एडवांस बुकिंग तेजी से हो रही है। वर्तमान में ऑनलाइन बुकिंग के सभी उपलब्ध स्लॉट 16 अगस्त तक भर चुके हैं। अब श्रद्धालुओं को 17 अगस्त से आगे की तिथि के लिए ही ऑनलाइन पास मिल रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुगम दर्शन, विशिष्ट दर्शन और आरती पास की ऑनलाइन व ऑफलाइन व्यवस्था संचालित करता है। प्रतिदिन सीमित संख्या में ऑनलाइन पास जारी किए जाते हैं, जबकि ऑफलाइन पास अधिकृत संस्तुति के आधार पर उपलब्ध कराए जाते हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग समय के स्लॉट निर्धारित किए गए हैं, ताकि मंदिर परिसर में भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
केवल अधिकृत माध्यमों से ही पास प्राप्त करें
ऑनलाइन बुकिंग के दौरान एक पास पर अधिकतम आठ श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति मिलती है। सभी श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य हैं। निर्धारित समय से पहले तय प्रवेश द्वार पर पहुंचना होता है। यह पूरी व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को आगाह किया है कि केवल अधिकृत माध्यमों से ही पास प्राप्त करें। किसी होटल, धर्मशाला, ट्रैवल एजेंट या गाइड की ओर से उपलब्ध कराया गया पास फर्जी हो सकता है।
ऑनलाइन पास केवल ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। राम मंदिर प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से रात 9:00 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है, जबकि रामलला की विभिन्न आरती निर्धारित समय पर संपन्न होती है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट और प्रशासन दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान पर रोक
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोबाइल फोन, पेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर प्रवेश पर रोक लगा रखी है। श्रद्धालु केवल पर्स और चश्मा साथ ले जा सकते हैं। मंदिर परिसर में बाहर से प्रसाद, फूल, माला या नारियल ले जाने की अनुमति नहीं है। दर्शन के बाद ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को इलायची दाने का प्रसाद वितरित किया जाता है।
सामान्य दर्शन पास में भी बढ़ी रुचि
सावन माह में श्रद्धालुओं में सामान्य दर्शन पास में भी रुचि बढ़ी है। सामान्य दर्शन पास के भी सभी स्लॉट 16 अगस्त तक फुल हो गए हैं। सामान्य दर्शन पास के माध्यम से श्रद्धालु परिसर के सभी मंदिरों (सप्तमंडपम, परकोटा, कुबेर टीला) में दर्शन-पूजन कर पाते हैं, यह पास केवल ऑनलाइन ही बनाए जाते हैं। एक पास पर केवल पांच लोगों को ही दर्शन की अनुमति होती है।
