पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज प्रातः काल ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज का पंचामृत अभिषेक रामजन्म के उत्सव के रूप में किया गया।
यद्यपि पूरा ब्रजमंडल भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान करता है, परंतु प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज जब ब्रज पधारे और उन्हें प्रभु राम के दर्शन नहीं हुए, तब उन्होंने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा था कि…
“कहा कहूँ छवि आपकी, भले बने हो नाथ।
तुलसी मस्तक तब नवै, धनुष-बाण लेहु हाथ।।”
जब तुलसीदास जी ने यह प्रार्थना की, तब प्रभु श्री कृष्ण ने उन्हें श्री राम रूप में दर्शन दिए।
“मुरली मुकुट दुराय कै, धरयो धनुष कर नाथ, तुलसी लखि रुचि दास की, कृष्ण भए रघुनाथ”
इसी परंपरा और भावना के अनुरूप, आज मंदिर में ठाकुर जी का श्रृंगार राम रूप में किया गया है, जिसका भक्त भावविभोर होकर आनंद ले रहे हैं।
