Sheikh Hasina survived three gunmen attacks in four years After returning from India 50 people were injured

शेख हसीना
– फोटो : ANI

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बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद देश छोड़ने को मजबूर हुई पांच बार की प्रधानमंत्री शेख हसीना तीन बार बंदूकधारियों के हमले में बाल-बाल बची हैं। 15 अगस्त 1975 को पिता शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद पौने छह साल तक भारत में रहीं शेख हसीना जब बांग्लादेश लौटीं तो चार साल के अंदर तीन बार उन पर हमला हुआ। हमले में जमात ए इस्लामी और खालिस्तानी आतंकियों पर भी आरोप लगाए गए थे।

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अमर उजाला आर्काइव के पुराने पन्नों में दर्ज है कि वर्ष 1989 में पहली बार अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना पर बंदूकधारियों ने हमला किया था। उनके धानमंडी स्थित घर पर हुए हमले में 28 गोलियां चलाई गई थीं। इसमें छात्र लीग पर आरोप लगाए गए थे। इसके दो साल बाद 8 अक्तूबर 1991 को खुलासा किया गया था कि शेख हसीना की हत्या के लिए खालिस्तानी आतंकियों से संपर्क साधा गया था।



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