रक्षाबंधन पर्व पर ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों को राहत दी है। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से हजरत निजामुद्दीन और खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन के बीच तीन जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा समेत अन्य प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 27 और 28 अगस्त को झांसी से निजामुद्दीन के बीच दो फेरे के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-हजरत निजामुद्दीन विशेष ट्रेन (01901) चलेगी। यह सुबह 11 बजे रवाना होकर दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसी कलां होते हुए शाम 6:30 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में हजरत निजामुद्दीन-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी विशेष ट्रेन (01902) हजरत निजामुद्दीन से रात 7:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 3:30 बजे झांसी पहुंचेगी। इस ट्रेन में साधारण, शयनयान और वातानुकूलित शयनयान श्रेणी के कोचों के साथ दो एसएलआर सहित कुल 20 आईसीएफ कोच होंगे।
26 से 30 अगस्त तक रोजाना चलने वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-हजरत निजामुद्दीन विशेष ट्रेन (01903) झांसी से शाम 7:20 बजे रवाना होकर दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसीकलां होते हुए अगले दिन सुबह 3:05 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में हजरत निजामुद्दीन-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी विशेष ट्रेन (01904) 27 से 31 अगस्त तक चलेगी। यह ट्रेन निजामुद्दीन से सुबह 4:10 बजे रवाना होकर दोपहर 2:05 बजे झांसी पहुंचेगी। इस ट्रेन में आठ साधारण श्रेणी, पांच शयनयान, तीन चेयरकार, दो वातानुकूलित चेयरकार और दो एसएलआर समेत कुल 20 आईसीएफ कोच होंगे।
खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन के बीच भी विशेष ट्रेन (01913) चलाई जाएगी। यह खजुराहों से 26, 28 और 30 अगस्त को शाम 5 बजे रवाना होकर छतरपुर, खरगापुर, टीकमगढ़, दैलवारा, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी 22:10 बजे आकर दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसीकलां होते हुए सुबह 7:30 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो विशेष ट्रेन (01914) 27, 29 और 31 अगस्त को सुबह 11:10 बजे निजामुद्दीन से रवाना होकर 20:45 बजे झांसी होकर रात 12:55 बजे खजुराहो पहुंचेगी। इस ट्रेन में 15 साधारण श्रेणी, तीन शयनयान, एक वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और दो एसएलआर समेत कुल 21 आईसीएफ कोच होंगे।
