लखनऊ। शेयर बाजार में गिरावट जारी है। सोमवार को भी स्टॉक्स पांच-पांच प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए, जिससे लखनऊ के निवेशकों के पोर्टफोलियो रेड हो गए। हालांकि, लॉन्ग टर्म निवेशक शेयर बेचने से बच रहे हैं। वहीं, 280 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान ट्रेडरों ने उठाया।
इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध की आशंकाओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट बनी हुई है। निफ्टी हजार प्वॉइंट से अधिक गिर चुका है। आटोमोबाइल, बैंकिंग, रियल एस्टेट, मेटल सहित लगभग सभी सेक्टरों में सोमवार को भी गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट अभी दो से तीन सेशन में और देखने को मिल सकती है। अमाया शेयर ट्रेडिंग फर्म के ब्रोकर अरुण मिश्र ने बताया कि सोमवार को सेंसेक्स भले ही 638 प्वॉइंट गिरा हो, लेकिन निफ्टी फिफ्टी 218 प्वॉइंट, बैंक निफ्टी 983 प्वॉइंट डाउन बंद हुई है। निफ्टी मिडकैप स्टॉक 1174 प्वॉइंट तक गिरे, इससे निवेशकों का खासा पैसा डूब गया। हालांकि, लॉन्ग टर्म निवेशकों में भय का माहौल कुछ कम हुआ है। वे होल्ड किए शेयर बेचने से बच रहे हैं। इंट्राडे व इंडेक्स में ट्रेडिंग करने वाले इस गिरावट में नुकसान उठा रहे हैं।
जीरोधा ब्रोकरेज फर्म के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के पीछे इस्राइल-ईरान के बीच तनाव के अलावा कई और वजहें हैं। ऐसे में निवेशक खरीदारी से बचें, पर बाजार पर नजर बनाए रखें। हालात सामान्य होने दें।
लखनऊ में 4.20 लाख डीमैट खाते हैं। वहीं, देश में करीब 15 करोड़ खाते हैं। इसमें महाराष्ट्र में 2.31 करोड़, गुजरात में 1.18 करोड़, यूपी में 1.04 करोड़, राजस्थान में 65.58 लाख, कर्नाटक में 65.05 लाख, पश्चिम बंगाल में 61.02 लाख, तमिलनाडु में 59.39 लाख, मध्य प्रदेश में 55.65 लाख, दिल्ली में 54.54 लाख, आंध्र प्रदेश में 50.59 लाख, बिहार में 37.67 लाख डीमैट खाते हैं।
