
संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा
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आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक (जेडी) आरपी शर्मा रिश्वत कांड की विवेचना सीबीसीआईडी को स्थानांतरित हो गई। इससे पहले भी इस साल दो बड़े मामले स्थानांतरित हो चुके हैं। इन मामलों में भी पुलिस वालों पर ही आरोप हैं। अधिवक्ता की अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरकर माैत हो या फिर बोदला जमीन कांड का मामला, इन केस में भी विवेचना सीबीसीआईडी ही कर रही है।
1 मार्च को पुलिस की दबिश के दाैरान आगरा एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुनील शर्मा की उनके आवास मंगलम आधार अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरकर माैत हो गई थी। अधिवक्ता आठवीं मंजिल से कैसे गिरे? यह पता नहीं चल सका। मामले में तत्कालीन एसओ न्यू आगरा सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। जून में विवेचना सीबीसीआईडी को ट्रांसफर की गई।
दूसरा मामला बोदला में करोड़ों की जमीन पर कब्जे का था। जनवरी में मामला सामने आया। तत्कालीन डीजीपी से शिकायत की गई। आरोप था कि केयरटेकर के रूप में रहने वाले 5 लोगों को गांजा और शराब लगाकर जेल भेजा गया। दो मुकदमे लिखे गए। इसके बाद बिल्डर को कब्जा करा दिया गया। मामले में डकैती सहित अन्य धारा में तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा, बिल्डर पिता-पुत्र सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ। एसओ सहित अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया। मामला काफी सुर्खियों में रहा। कमिश्नर का भी तबादला हुआ। इस केस की विवेचना भी जुलाई में सीबीसीआईडी ट्रांसफर हो गई थी।
जेडी प्रकरण : एसपी और इंस्पेक्टर सहित चार का तबादला
संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक (जेडी) आरपी शर्मा के रिश्वत कांड प्रकरण में विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद शासन स्तर से गठित समिति ने जांच की। इसके बाद केस को सीबीसीआईडी स्थानांतरित कर दिया गया। इससे पहले ही एसपी विजिलेंस शगुन गाैतम को आगरा से हटाकर झांसी विजिलेंस में भेजा गया। साथ ही आगरा विजिलेंस सेक्टर में तैनात इंस्पेक्टर दुष्यंत तिवारी, हाकिम सिंह, सिपाही जितेंद्र ओर धर्मेंद्र को भी गैर जनपद भेजा गया। स्थानांतरण को शिक्षक संगठन के विरोध से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
