
धमाके के बाद मौजूद पुलिसटीम।
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गोंडा तरबगंज थाना क्षेत्र की नगर पंचायत बेलसर के वार्ड-1 में फारूख के खंडहरनुमा मकान में ताला बंदकर गोला-तमाशा बनाए जा रहे थे। यही पटाखे जानलेवा साबित हो जाएंगे, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
सहालग का समय हो या फिर त्योहारों का, बेलसर में पटाखे बनाने का काम तेज हो जाता है। शादियों में भी लोग पटाखों की खरीद-फरोख्त करते हैं। इसकी जानकारी कस्बे के लोगों को भी है। सोमवार को जब हादसा हुआ तो पहले परिजनों ने पटाखे बनाने की बात छिपाई। बाद में कहा कि पटाखा दगाते समय विस्फोट हो गया। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर बिखरी सामग्री से पता चला कि यहां तो पटाखा बनाने का काम होता था।
मौके पर पटाखे बनाने में प्रयोग किया जाने वाला गनपाउडर भी मिला है। इसी से धमाका इतना जोरदार हुआ कि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से तीन ने जान गंवा दी। इस हादसे ने गुपचुप चल रहे कारनामे के साथ ही पुलिस की अनदेखी की पोल भी खोल दी।
पूर्व प्रधान राणा सिंह ने बताया की फारूख मोहल्ले के बाहर मकान बनाकर रहते हैं। उनके मकान में दोपहर 12 बजे के बाद जोरदार धमाका हुआ। घायल कृष्णकुमार की बहन मोनी ने बताया कि भाई उन्हें मंदिर ले गया था। करीब दस बजे घर छोड़ने के बाद इशहाक के घर चला गया। थोड़ी देर बाद जोरदार आवाज आई। पिता राम छबीले ने मोनी को जाकर देखने को कहा। जब मोनी इशहाक के घर पहुंची तो कृष्णकुमार के साथ ही चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल जमीन पर पड़े तड़प रहे थे। सभी का चेहरा झुलस गया था। पहचान में नहीं आ रहा था, कपड़े से भाई की पहचान की।
कृष्णकुमार तीन भाइयों में छोटा है। दो बड़े भाई जालंधर में मजदूरी करते हैं। हादसे में मृत आकाश उर्फ छोटू के माता-पिता को मौत हो चुकी है। भाभी रेनू देवी ने बताया कि छोटू बेलसर के एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ता था। आज स्कूल नहीं गया था। अचानक धमाके की आवाज आई तो सब लोग मौके पर पहुंचे। तब पता चला कि छोटू गंभीर रूप से घायल है। बताया कि छोटू से इशहाक चोरी-छिपे काम कराता था। बड़े भाई शत्रुहन कस्बे में कपड़े प्रेस करने की दुकान करते हैं। घटना की खबर सुनकर वह भी मौके पर आए और इलाज के लिए साथ गए है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गोलू सिंह ने बताया कि धमाका काफी तेज था।
