भतीजे का अपहरण कर हत्या करने के दोषी दो मौसेरे भाइयों भारतगंज निवासी जावेद और बेलीगांव निवासी सोनू को अपर जिला जज 15 मुकेश कुमार सिंह ने उम्रकैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 20 साल पुराने मुकदमे में एक आरोपी मुजीब की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है जबकि चौथे आरोपी रिंकू की फाइल अलग चल रही है।
कर्नलगंज निवासी साबिर अली का 17 वर्षीय बेटा मो. आमिर 12 दिसंबर 2005 की शाम को घर से निकला था फिर नहीं लौटा। घटना के समय साबिर अपनी पत्नी के साथ मिर्जापुर में एक शादी में गए हुए थे जहां उन्हें फोन पर सूचना मिली तो वह कानपुर लौटे और कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शक होने पर साबिर ने अपने मामू मुजीब अहमद, उनके बेटे जावेद, जावेद के मौसेरे भाई सोनू और जावेद के दोस्त रिंकू उर्फ सुनील कुमार गौड़ के खिलाफ पुलिस में शिकायत की।
साढ़े तीन महीने बाद दो अप्रैल 2006 को पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्होंने आमिर की हत्या कर शव को इलाहाबाद में एक खेत में फेंकने की बात कबूल ली थी। पुलिस ने खेत के पास से आलाकत्ल भी बरामद कर लिया था। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतक के पिता समेत 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने इलाहाबाद के भारतगंज निवासी जावेद और बेलीगांव निवासी सोनू को अपहरण और हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई। मुजीब अहमद की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है जबकि रिंकू की फाइल अलग चल रही है।
