एलडीए आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना से जुड़े उन लोगों को राहत देने की तैयारी में है, जिन्हें प्रॉपर्टी डीलरों ने गलत जमीन बेच दी थी और अब उनके मकान टूटने का खतरा बना हुआ है। एलडीए ऐसे लोगों को निर्माण लागत का मुआवजा देने का प्रस्ताव बना रहा है। यह कदम योजना को कानूनी विवादों से बचाने के लिए उठाया जा रहा है।
एलडीए सुल्तानपुर रोड पर लैंडपूलिंग नीति के तहत आईटी और वेलनेस सिटी योजना ला रहा है। इस नीति में एलडीए भूस्वामियों से निशुल्क जमीन लेकर बदले में 25 फीसदी विकसित जमीन देता है। योजना आने से पहले ही इन गांवों में 500 से अधिक मकान बन चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मकान ग्राम समाज की जमीनों पर बने हैं।
बिल्डरों ने कागज पर सही जमीन बेची, लेकिन मौके पर गलत कब्जा दिया। ये मकान 10 से 15 साल पुराने हैं और ज्यादातर बैंक कर्ज लेकर बनाए गए हैं। अब एलडीए बिना मानचित्र निर्माण का नोटिस जारी कर तोड़ने की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में लोग कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं।