हरियाणा, राजस्थान और नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में पशु रोगों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पशुपालन विभाग ने दूसरे राज्यों से बीमारी के प्रदेश में प्रवेश को रोकने के लिए सीमा से लगे गांवों में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के प्रत्येक पशु का अनिवार्य टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में अभी तक पशुओं में किसी गंभीर बीमारी के फैलने की सूचना नहीं है। वहीं, दूसरे राज्यों में लंपी स्किन डिजीज और खुरपका-मुंहपका के मामले सामने आए हैं। बारिश के मौसम में पशु रोगों के तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।
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सीमा से सटे गांवों में पशुओं की आवाजाही और मक्खियों के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। संबंधित जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों (सीवीओ) के नेतृत्व में टीकाकरण के लिए 15 से 20 अतिरिक्त टीमें लगाई गई हैं। इन्हें सीमा से लगे 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में हर पशु का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन गांवों में हर 15 दिन में टीकाकरण का सत्यापन भी कराया जाएगा।
प्रमुख सीमावर्ती जिले
सहारनपुर, शामली, बागपत, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, चित्रकूट, महोबा और ललितपुर आदि।
पशु रोग नियंत्रण निदेशक डॉ. संगीता तिवारी का कहना है कि खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान पूरे प्रदेश में चल रहा है। दूसरे राज्यों की सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है ताकि कोई भी बीमारी हमारे राज्य में न आने पाए।
