कालपी। नून नदी में शनिवार दोपहर डूबे किसान का शव सोमवार सुबह करीब 13 किलोमीटर दूर यमुना नदी में हीरापुर गांव के पास बरामद हुआ। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। परिजनो ने उसकी पहचान की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कोतवाली क्षेत्र के मगरौल गांव निवासी राम आसरे (70) सेवानिवृत्त डाककर्मीं थे। परिजन ने बताया कि शनिवार दोपहर वह चार भैंसों को चराने नून नदी के किनारे गए थे। भैंसें नदी पार कर दूसरी ओर चली गईं। उन्हें वापस लाने के लिए राम आसरे कपड़े और जूते किनारे रखकर नदी में उतर गए। तेज बहाव में वह संभल नहीं सके और पानी में बह गए।

भैंसों के घर पहुंचने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। नदी किनारे राम आसरे के कपड़े और जूते मिले, लेकिन उनका पता नहीं चला। सूचना पर प्रशासन ने एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रविवार को दिनभर तलाश कराई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

सोमवार सुबह खोज अभियान दोबारा शुरू होने से पहले ही मछुआरों ने हीरापुर घाट के सामने यमुना में शव दिखाई देने की सूचना दी। पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की।

एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि मृतक किसान भी थे। उनके आश्रितों को नियमानुसार किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।



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