देरी से इलाज मिलने पर प्रसूता की मौत के मामले में गठित जांच समिति ने पीड़ित और तीन विभागों के स्टाफ को नोटिस जारी किए हैं। इनको बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। मरीज के इलाज के पर्चे और रिपोर्ट की भी जांच हो रही है।
तांतपुर निवासी लाखन और गौरव ने प्रसूता विजय कुमारी (22) के तीन घंटे देरी से भर्ती करने का आरोप लगाया। तब तक प्रसूता एंबुलेंस में तड़पती रही। इमरजेंसी-स्त्री रोग विभाग के बीच भर्ती कराने के लिए परिजन चक्कर काटते रहे। पुलिस-मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद मरीज को भर्ती किया।
इसके 4-5 घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी। इसकी जांच कर रही समिति ने आईसीयू, स्त्री रोग और इमरजेंसी से इसकी रिपोर्ट मांगी है। इसमें से एक विभाग ने रिपोर्ट दे दी है। इसकी जांच की जा रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि समिति मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
