प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय परिसर में धरना दिया। सभी ने कैशलेस चिकित्सा योजना में विभाग के लिपिकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शामिल नहीं करने पर नाराजगी जताई।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के पदाधिकारियों ने 10 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से शासन को भेजा। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और जिला मंत्री मुरारी सिंह ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। चार अक्तूबर 2021 और 8 अप्रैल 2025 को शासन स्तर पर हुई बैठकों में कई मांगों पर सहमति और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी अब तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
संघ ने रोके गए भत्तों को बहाल करने, वर्ष 2014 के बाद नियुक्त शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सामूहिक बीमा कटौती करने, 1 अप्रैल 2005 के बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, चतुर्थ श्रेणी से सहायक लिपिक और सहायक लिपिक से प्रधान लिपिक पद पर पदोन्नति के बाद पूर्व की तरह 22वें लाभ के तहत एक वेतन वृद्धि देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। धरने में संजय पुंडीर, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र त्यागी , संजय शर्मा, वीरेश, संजय जैन, सुशील गौतम, दिलीप, चंद्रपाल आदि शामिल रहे।
