मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति 2026-27 को मंजूरी दे दी। इसके तहत समूह क के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। समूह क ऐसे अधिकारियों जिनके पद केवल मंडल स्तर पर हैं, उन्हें उनके गृह मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा।

समूह ख के अधिकारियों को उनके गृह मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा, यह प्रतिबंध केवल जिलास्तरीय विभागों व कार्यालयों में लागू होंगे। समूह ग के सभी कार्मिकों का पटल, क्षेत्र परिवर्तन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

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स्थानांतरण के लिए तीन साल और सात साल का कटऑफ अवधि 31 मार्च माना जाएगा। किसी विभाग का यदि जिले में कोई अन्य कार्यालय नहीं है तो कार्मिक का पटल या क्षेत्र का बदलाव 13 मई 2022 को जारी शासनादेश के आधार पर किया जाएगा।

नौ लाख कार्मिक दायरे में

विभागाध्यक्ष अपने मंत्रियों की सहमति से 31 मई तक कार्मिकों का स्थानांतरण कर सकेंगे। सेवानिवृत्ति में दो साल बचने वाले कार्मिकों को उनके गृह जिले में तैनाती पर विचार होगा। तबादला नीति के दायरे में नौ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे। तबादला नीति सचिवालय कर्मियों पर लागू नहीं होगा। विभागों द्वारा प्रशासनिक दृष्टि से पदोन्नति, सीधी भर्ती से नवनियुक्त पत्नी के सरकारी सेवा में होने के स्थानांतरण विकल्प के आधार पर मनचाहे स्थानों पर किया जाएगा।

सेवानिवृत्ति के दो साल तो इच्छित तैनाती में मिलेगी प्राथमिकता

दो साल में सेवानिवृत्त होने वाले समूह ग व घ के कार्मिकों को उनके गृह जिले व समूह क व ख के कार्मिकों को उनके गृह जिले को छोड़ते हुए इच्छित जिले में तैनाती करने पर यथासंभव विचार किया जाएगा। इसके लिए पूर्व में उस मंडल व जिले में उनकी तैनाती अवधि को संज्ञान में नहीं लिया जाएगा।



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