कानपुर में चकेरी निवासी युवक की हत्या कर फतेहपुर में गंगा नदी में शव फेंकने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद करीब 13 दिन तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। फतेहपुर में जब मृतक की कार मिली तब पुलिस ने तीन आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। मंगला विहार प्रथम निवासी अंकित त्रिवेदी (37) बाराबंकी स्थित पीएचसी में वार्ड बॉय था।
16 अप्रैल की शाम घर से मलवां जाने की बात कहकर निकले लेकिन लौटे नहीं। पुलिस की जांच में पता चला कि अंकित के दोस्त बांगरमऊ निवासी सत्यम मिश्रा, चकेरी के अटलनगर निवासी रेहान, फतेहपुर निवासी शादाब और अलतमस ने लूट के इरादे से उसे बहाने से बुलाकर गला घाेंटकर हत्या कर दी थी।
