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बागपत के रटौल के सिंगौली तगा गांव में शुक्रवार देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद अंकित व उसके दोस्त इसरार के शव पहुंचे तो वहां परिजनों ने आरोपी साधु नरेशनाथ का एनकाउंटर करने की मांग को लेकर शव रखकर हंगामा कर दिया। साथ ही इसरार के तीनों बच्चों की परवरिश के लिए मुआवजा देने की मांग उठाई।
इस दौरान एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस अफसरों ने वहां आकर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। वहीं, हत्यारोपी कृष्णा यादव को बृहस्पतिवार देर रात पुलिस की टीम चांदीनगर थाने में लेकर पहुंची। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया।
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सबूत एकत्र करती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला
सिंगौली तगा गांव निवासी दिव्यांग अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार को 25 जुलाई को साधु नरेशनाथ निवासी कुंडेश्वरी जिला ऊधमसिंह नगर ने अपने दो शिष्यों और एक नाबालिग के साथ मिलकर जहर के इंजेक्शन लगाने के बाद लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर जिंदा दफन कर दिया था।
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गमजदा परिजन।
– फोटो : अमर उजाला
जांच के बाद पुलिस ने बुधवार रात आरोपी उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को गिरफ्तार करके पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर मंदिर परिसर में गड्ढे की खोदाई करके अंकित और इसरार के शव बरामद किए, जो कंकाल बन चुके थे।
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जांच करती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला
दूसरा आरोपी हुआ गिरफ्तार
दूसरे हत्यारोपी कृष्णा निवासी धुम्मा भुलंदी जिला जौनपुर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया, जिसे बृहस्पतिवार देर रात पुलिस की टीम थाने में लेकर पहुंची। पुलिस की पूछताछ में कृष्णा यादव कहने लगा कि अंकित और इसरार के मंदिर में आने पर साधु ने उसे फावड़ा लेने लहचौड़ा गांव भेज दिया था।
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मौके पर एकत्र लोग।
– फोटो : अमर उजाला
फिर कहने लगा कि फावड़ा आने के बाद उसे दुकान पर कोल्डड्रिंक लेने भेज दिया और जब वापस आया तो गड्ढा मिट्टी से भरा हुआ था। इसी तरह कृष्णा ने पुलिस के सामने कई बार बयान बदलकर दोहरे हत्याकांड में खुद को बेगुनाह बताने का प्रयास भी किया।