झांसी। एलएलबी छात्र परवेज अली की मौत को पुलिस शुरू में हादसा मान रही थी। पुलिस के मुताबिक, अत्यधिक नशे में होने के कारण वह गिर गया था और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई। सीने की चोट को भी गिरने के दौरान लगी चोट माना गया था। 14 सितंबर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो दाहिनी जांघ पर दांत से काटे जाने के छह निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी और मामला हत्या की ओर मुड़ गया।

एसएसपी विकास कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी अरीबा नोमान की अगुआई में तीन आला पुलिस अफसरों की टीम गठित की। टीम ने परवेज के आखिरी समय की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया। सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी में उसे छोड़ने वाले रैपिडो चालक से पूछताछ की गई। इसके अलावा 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए।

जांच में सामने आया कि परवेज को सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी से लाल रंग की मारुति एस-क्रॉस कार में ले जाया गया था। तीन कारों में कुल 11 युवक सवार थे। इनमें प्रेमनगर थाने का सिपाही आशीष सिंह भी शामिल था। सीसीटीवी फुटेज में तीनों कारों की गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

भूपेंद्र और सनी ने जांघ में काटा

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि परवेज की जांघ में भूपेंद्र और सनी ने काटा था। आरोपियों के मुताबिक, मारपीट के दौरान परवेज अचेत होने लगा था। उन्हें लगा कि वह नशे के कारण बेहोश हो रहा है। उसे होश में लाने के लिए दोनों ने उसकी जांघ में काटा, लेकिन जब वह नहीं उठा तो उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, भूपेंद्र और सनी के डेंटल सैंपल लिए गए हैं। इन्हें मिलान के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दांत से काटने के निशानों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

परवेज के घर किराये पर रह चुका था सिपाही

जांच में यह भी सामने आया कि प्रेमनगर के नहर रोड स्थित विजय नगर मोहल्ले में परवेज के घर में सिपाही आशीष कुछ समय किराये पर रह चुका था। बाद में उसने मकान खाली कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आशीष को परवेज और उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी हुई थी। उसे यह भी पता था कि परवेज कश्मीर से ड्रग्स मंगवाता था।



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