आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई मामले में पहली बार आरपीएफ की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया। आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने बुधवार को मीडिया के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करने का भरोसा दिलाया है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों और कर्मचारियों की भूमिका के आधार पर जल्द जांच पूरी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर इस घटना को लेकर रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर आरपीएफ ने पहली बार अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा है। बुधवार को आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने आरपीएफ थाने पर आयोजित प्रेसवर्ता में घटना से जुड़े सभी पहलू पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा की किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार उचित नही है। उस समय ऐसे हालात क्यों बने, इसकी निष्पक्ष जांच होनी आवश्यक है। जिसके लिए जांच समिति गठित की जा चुकी है। 

हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने में किस-किस कर्मचारी की क्या भूमिका रही, यह भी जांच का विषय है। लोको पायलट, रेलवे गार्ड और डिप्टी एसएस के बीच वाॅकी-टाॅकी पर क्या बात हुई, इस वार्तालाप को भी डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच में संकलित किया जाएगा। साथ ही घटना वाले दिन प्लेटफॅार्म के सीसीटीवी कैमरों के फोटो और वीडियो भी जांच में शामिल किए जाएंगे। 

 



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