देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को आगरा में कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता (एसआईआर) की एक कहानी है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत में पांच गांव की मांग रखी थी। जो नहीं मिले तो रण हुआ था। हमारी मतदाता सूची भी पांच बिंदुओं पर टिकी है। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और विदेशी इन पांच को हटा दीजिए बाकी सब पात्र मतदाता हैं।
नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के 78वें स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है। उन्होंने एसआईआर पर कहा कि इस प्रक्रिया का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी उदाहरण दिया जाता है। उन्होंने कहा भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 95 करोड़ मतदाता हैं। 95 करोड़ का अर्थ है कि अगर आप अमेरिका, कनाडा, पूरा उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के सारे मतदाताओं को मिला लें, तब भी हम उनसे 8 करोड़ ज़्यादा हैं।
उन्होंने कार्यबल की तुलना करते हुए बताया, दुनिया की सबसे बड़ी सरकार भारत सरकार में 65 लाख लोग काम करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी (वॉलमार्ट) में 20 लाख लोग काम करते हैं। लेकिन जब लोकसभा का चुनाव होता है, तो चुनाव आयोग के अधीन 1 करोड़ 80 लाख लोग काम करते हैं। चुनाव आयोग विश्व की सबसे बड़ी संस्था है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पूछा कैसे होता है 1.8 करोड़ लोगों से संवाद? फिर उन्होंने बताया कि इतने बड़े स्टाफ से संवाद के लिए आयोग ने तकनीक का सहारा लिया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए ईसीआई नेट सॉफ्टवेयर बनाया है, भारत में 12 करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं।
