मौके पर जीआरपी पहुंची तब पता चला कि पंकज पर घूंसे और लातों से बुरी तरह हमला किया गया था। उन्हें घायल अवस्था में जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। देखते ही देखते कई हमलावर पंकज पर टूट पड़े। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावर लगातार लात-घूंसों से वार करते रहे। हमले में गंभीर रूप से घायल पंकज प्लेटफॉर्म पर ही गिर पड़े।
रेलवे के पुलिस उपायुक्त भरत रेड्डी के अनुसार, पंकज मूलरूप से यूपी के बागपत जिले के खेकड़ा के रहने वाले थे। वह दिल्ली मेट्रो में बीते 13 साल से गार्ड के पद पर तैनात थे। उनकी रात में ड्यूटी होती थी। रात को ड्यूटी खत्म के बाद बागपत घर जाने के लिए वह योगा एक्सप्रेस में सवार हुए थे।
हमलावरों को नहीं रोक पाए जवान
घटना के समय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का एक जवान भी मौके पर था। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि जवान ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों को रोक नहीं सका। घटना से संबंधित कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इसमें पुलिसकर्मी युवकों को रोकते दिख रहे हैं, लेकिन हमला करने वाले युवकों की जगह वह पंकज का हाथ पकड़ रहा है।
पंकज प्लेटफॉर्म पर जब गिर गए तब उन्हें तुरंत उठाने का प्रयास करने के बजाय पुलिसकर्मी प्लेटफॉर्म पर उनका हाथ पकड़कर घसीटता दिखाई दे रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर बचाव हो जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थीं।




