खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर के हसवा में पति को छोड़कर दूसरे समुदाय के प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी युवती की गला घोटकर शुक्रवार को उसके भाई ने हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंका और रात भर जंगल में रहा। सुबह पुलिस के पास जाकर अपराध कबूल कर लिया।
पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थरियांव के हसवा कस्बा निवासी शिव सिंह यादव की पुत्री मंजू उर्फ रंजू (19) की शादी एक मई को राधानगर थाना इलाके के सोनहीं बड़नपुर निवासी पिंटू के साथ हुई थी।
परिजन ने बताया कि शादी के बाद वह चौथी पर मायके आई थी। 13 मई की रात वह गांव के ही दूसरे समुदाय के प्रेमी के साथ चली गई। इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
2 of 10
पिता को सांत्वना देते पुलिस चौकी प्रभारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
16 मई को परिजन उसे खोजकर घर ले आए। ससुराल पक्ष को इसका पता चलने पर पंचायत हुई। समझौते के बाद युवती की विदाई कर दी गई लेकिन ससुराल में भी वह प्रेमी से बात करती रही। इसकी जानकारी अहमदाबाद में काम करने वाले भाई संदीप को हुई तो वह 10 जून को बहन की ससुराल पहुंचा।
दो दिन तक वहीं रहकर बहन को समझाता रहा लेकिन वह प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी रही। शुक्रवार देर शाम संदीप ने बहन को विदा कराया। उसे लेकर बिलंदा पहुंचा। दोनों पैदल गांव की ओर चल दिए। हसवा कस्बा स्थित गुड्डू सिंह के खेत के पास संदीप ने बहन का गला घोट दिया।
4 of 10
घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हम हिंदू हैं… ये बोलकर बहन का घोंट दिया गला
बहन… हम लोग हिंदू हैं। दूसरे समुदाय में शादी नहीं हो सकती है। अब तो तुम्हारी शादी भी हो चुकी है। तुम अपने पति के घर की लक्ष्मी हो। वहीं रहो… और खुशी-खुशी जीवन बिताओ। बहन मान जाओ… प्रेमी के पास मत जाने की सोचो। साहब! इसी तरह मैंने बहन को खूब समझाया। जब वह नहीं मानी तो उसका गला घोंट दिया और फिर शव को कुएं में फेंक दिया। ये बातें पुलिस के सामने आरोपी भाई ने कबूली।
5 of 10
घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में बहन को मौत के घाट उतारने के बाद पुलिस की पूछताछ में आरोपी भाई संदीप ने बताया कि बहन का प्रेमी विशेष समुदाय के कसाई बिरादरी का है। हम हिंदू यादव हैं। वह और परिवार के लोग किसी हालत में इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर सकते थे। वह और परिवार के लोग किसी हालत में इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर सकते थे।