भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष (1926-2026) के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की देशव्यापी मुहिम से अब आगरा भी जुड़ गया है। शहर के हॉकी खिलाड़ी, पूर्व खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल प्रेमी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को ई-मेल भेजकर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस खिलाड़ी ने गुलामी के दौर में पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया, उसे भारत रत्न मिलना देश के खेल इतिहास का सम्मान होगा।
आगरा के खिलाड़ियों का कहना है कि मेजर ध्यानचंद का इस शहर से विशेष जुड़ाव रहा है। उनके नाम पर वर्षों तक प्रतिष्ठित ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट आयोजित होता रहा और वह भी कई बार आगरा आए थे। यही वजह है कि शहर के खिलाड़ी भी इस राष्ट्रीय अभियान में पूरे उत्साह से शामिल होकर पीएमओ को ई-मेल भेज रहे हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि हॉकी के शताब्दी वर्ष से बेहतर अवसर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने के लिए नहीं हो सकता।
क्या बोले खिलाड़ी
पूरे खेल जगत का होगा सम्मान
आगरा हॉकी संघ के जिलाध्यक्ष कमल चौधरी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद भारतीय खेलों की सबसे बड़ी पहचान हैं। उन्हें भारत रत्न मिलना केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत का सम्मान होगा।
भारत रत्न उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि
वरिष्ठ हॉकी कोच अमिताभ गौतम ने कहा, गुलामी के दौर में उन्होंने अपने खेल से पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ाया। उनके योगदान के सामने कोई सम्मान बड़ा नहीं है, लेकिन भारत रत्न उनके प्रति देश की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मांग जरूर पूरी होगी
पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अजीत चतुर्वेदी ने कहा, आगरा का मेजर ध्यानचंद से भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसलिए शहर के खिलाड़ी भी इस अभियान से पूरे मन से जुड़े हैं। हमें उम्मीद है कि शताब्दी वर्ष में उनकी यह लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।
हर खिलाड़ी के आदर्श हैं मेजर ध्यानचंद
हॉकी की स्टेट खिलाड़ी माही ने कहा, मेजर ध्यानचंद आज भी हर खिलाड़ी के आदर्श हैं। उन्हें भारत रत्न मिलने से नई पीढ़ी को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
