पीजीआई के तेलीबाग स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी दिवाकर सिंह और उनके साथी अनूप शुक्ला को एक कंपनी में निवेश के बहाने चिनहट इलाके में बुलाकर बोलेरो और कार सवार सीआरपीएफ में तैनात एक सिपाही ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनका अपहरण कर लिया।
आरोप है कि असलहे के बल पर उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए गए। विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की गई और कुछ दूर ले जाकर उन्हें गाड़ी से उतारकर आरोपी फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात में एक आरोपी के लखनऊ पुलिस का सिपाही होने की बात भी सामने आई है। वारदात में पुलिस की गाड़ी के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। चिनहट पुलिस एफआईआर दर्ज कर कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
मूल रूप से उन्नाव के एबी नगर निवासी प्रभाकर सिंह ने बताया कि उनके भाई दिवाकर सिंह खेती करते हैं, जबकि उनके दोस्त अनूप शुक्ला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। कुछ समय पहले अनूप की जान-पहचान आरोपी जयप्रकाश यादव से हुई थी, जो सीआरपीएफ कैंप बिजनौर में रहता है।
जयप्रकाश यादव और उसके कुछ साथियों ने अनूप व दिवाकर को एक कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया था। जयप्रकाश से बातचीत के बाद दोनों निवेश के लिए तैयार हो गए। जयप्रकाश ने 10 जून की दोपहर दोनों को रुपये लेकर चिनहट के कमता स्थित ग्लोबन इन नामक होटल के पास बुलाया।
