लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की हुई दर्दनाक मौत के मामले में शासन ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उनका वेतन भी रोकने के आदेश दिए गए हैं।
अनिल कुमार दो साल पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसका निर्माण उनके कार्यकाल से पहले हुआ था और इस बिल्डिंग को अवैध घोषित किया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई प्रवर्तन दल द्वारा उसे ध्वस्त नहीं कराया गया था।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट में अनिल कुमार की लापरवाही सिद्ध होने के बाद प्रमुख सचिव ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए। शासन की ओर से निलंबन की प्रतिलिपि मेरठ विकास प्राधिकरण को प्राप्त होते ही मेडा प्रशासन ने अनिल कुमार को उनके पदों के दायित्वों से मुक्त कर दिया है।
जांच के दायरे में एलडीए के 18 अभियंता
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण के 18 अन्य अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस घटना में अब तक भवन मालिक और कोचिंग संचालक सहित कुल चार लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
वहीं, अब तक कुल चार अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। शासन का स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। मेडा उपाध्यक्ष संजय मीणा ने बताया किप्रमुख सचिव ने अनिल कुमार के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। उनके पास मौजूद सभी प्रभार अब दूसरे अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं।
