आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में बच्चों के लिए नवजात सघन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) यूनिट तीन महीने से तैयार है। इसमें महंगे जीवन रक्षक उपकरण लगे हैं। बेड की भी सुविधा है लेकिन उपचार अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

बाल रोग विभाग में 24 बेड का एनआईसीयू है। इसमें ही गंभीर हाल के नवजात और शिशुओं को भर्ती किया जाता है। अब तक बाल सर्जरी विभाग के पास खुद का एनआईसीयू नहीं था। ऐसे में सर्जरी करने के बाद मरीज को बाल रोग के एनआईसीयू में ही भर्ती करना पड़ता है। इसके फुल रहने की वजह से सर्जरी विभाग में ही अलग से 20 बेड की क्षमता का एनआईसीयू तैयार किया गया है। इसमें अभी 10 बेड की व्यवस्था है।

ऑपरेशन थिएटर भी बना है, जिससे सर्जरी के बाद मरीज को एनआईसीयू में भर्ती किया जा सकेगा। इसमें वेंटिलेटर, वार्मर, सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम, एंटी वायरस-बैक्टीरिया आदि की व्यवस्था है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एनआईसीयू में जरूरत को देखते हुए बदलाव किए थे, जिसमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाया है। स्टाफ और टेक्नीशियन की तैनाती हो गई है। इनको जीवन रक्षक उपकरण संचालित करने, गंभीर शिशुओं की चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए प्रशिक्षण चल रहा है। इस महीने से मरीज भर्ती करने लगेंगे।

आठ जिलों के शिशुओं को मिलेगा उपचार

सर्जरी विभाग का एनआईसीयू शुरू होने से बाल रोग विभाग पर भी मरीजों का भार कम होगा। एसएन में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कासगंज, हाथरस, धौलपुर, भरतपुर समेत आसपास के अन्य जिलों से भी गंभीर मरीज आते हैं। सर्जरी विभाग में ही एनआईसीयू शुरू होने से उनका बेहतर उपचार भी हो सकेगा।

 



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