आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित ”संविधान हत्या दिवस” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही उनके निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों का सम्मान करना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सेनानियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहीं और अनेक कठिनाइयों का सामना किया। इसलिए प्रदेश सरकार उनके सम्मान और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,780 लोकतंत्र सेनानी और 1,461 आश्रित हैं। राज्य सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों और उनके मरणोपरांत आश्रितों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये सम्मान राशि प्रदान कर रही है। इसके अलावा लोकतंत्र सेनानी या उनके उत्तराधिकारी को एक सहायक के साथ परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। राजकीय चिकित्सालयों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था पहले से लागू है।
लोकतंत्र सैनानियों ने बयां किया दर्द
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्या राम वर्मा, अजय सिंह और ओम प्रकाश गुप्ता को सम्मानित किया। इस मौके पर कई लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान झेली गई यातनाओं का दर्द भी साझा किया।
लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने कहा कि आपातकाल लगाने का कोई औचित्य नहीं था और सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए थे और सत्याग्रह में भाग लेने पर प्रताड़ित किया गया।
सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने किया था लोकतंत्र का गला घोंटने का काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकार छीन लिए गए, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और मीडिया की आवाज दबा दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए यह कदम उठाया था।
उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं ने कभी कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष किया था, उनकी वर्तमान पीढ़ी आज उसी के साथ राजनीति कर रही है। योगी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।
