उत्तर प्रदेश में स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल ने डिजिटल लेनदेन को नई रफ्तार दी है। मार्च 2024 के सापेक्ष मार्च 2026 तक मोबाइल बैंकिंग ग्राहकों की संख्या 5.02 करोड़ से बढ़कर 10.54 करोड़ हो गई। इस तरह दो वर्षों में 110 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं, इसी अवधि में आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के ग्राहकों की संख्या भी बढ़कर 16.60 करोड़ पहुंच गई है। एटीएम सह डेबिट कार्ड भी 12.15 करोड़ हो चुके हैं। सर्वाधिक डिजिटल बैंकिंग पहुंच गौतमबुद्धनगर, लखनऊ और गाजियाबाद में है। ग्रामीण जिलों में भी स्मार्टफोन आधारित बैंकिंग तेजी से विस्तार कर रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 की डिजिटल बैंकिंग लेनदेन रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मार्च 2024 में इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ताओं की संख्या 4.04 करोड़ थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 4.95 करोड़ हो गई। इस तरह दो साल में इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ताओं की संख्या में 23 फीसदी की वृद्धि हुई।
प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर डेबिट कार्डों की संख्या एक वर्ष 55,439 से बढ़कर 58,979 हो गई। इसमें गौतमबुद्धनगर (3,09,035), लखनऊ (1,14,936) और वाराणसी (92,444) शीर्ष तीन जिलों में हैं। प्रदेश के 11 जिलों में प्रति लाख आबादी पर डेबिट कार्ड का औसत राज्य औसत 58,979 से अधिक है। हालांकि सरकार के चिह्नित संभावनाशील जिलों में डिजिटल बैंकिंग की पहुंच अभी भी राज्य औसत से कम है। इन जिलों में प्रति लाख आबादी पर डेबिट कार्डों का औसत 43,985 है।
इंटरनेट बैंकिंग के मामले में प्रति लाख आबादी पर ग्राहकों की संख्या 19,593 से बढ़कर 24,014 हो गई है। इस श्रेणी में गौतमबुद्धनगर, लखनऊ और गाजियाबाद सबसे आगे हैं। वहीं, प्रति लाख आबादी पर मोबाइल बैंकिंग ग्राहकों की संख्या 24,360 से बढ़कर 51,157 हो गई।
यह डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन को दर्शाती है। सरकार के चिह्नित संभावनाशील जिलों में इंटरनेट बैंकिंग (14,541) और मोबाइल बैंकिंग (41,333) के उपयोगकर्ता भी राज्य औसत से कम हैं। हालांकि चित्रकूट ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग के उपयोग में प्रदेश औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।
