हर-हर महादेव के जयकारों के बीच रविवार शाम बल्केश्वर महादेव मंदिर पर लगने वाले मेले का शुभारंभ हो गया। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग और मुख्य संरक्षक पूर्व पार्षद डॉ. कुंदनिका शर्मा और ताराचंद मित्तल ने बल्केश्वर चौराहे पर फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
मुख्य मेला संयोजक मुरारी लाल गोयल ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार को मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 44 किमी. लंबे परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए दो क्विंटल फूलों की व्यवस्था की गई है। परिक्रमा पूरी करने पर शिवभक्तों की थकान दूर करने के लिए चार टीमें मालिश करेंगी।
व्यवस्था के लिए 100 मेला प्रभारी बनाए गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों स्वयंसेवक पुलिस प्रशासन के सहयोग से मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग में व्यवस्थाएं संभालेंगे। श्रद्धालुओं के लिए पूरे परिक्रमा मार्ग में पेयजल की व्यवस्था की गई है। बल्केश्वर महादेव मंदिर से वाटरवर्क्स चौराहे तक खोया-पाया केंद्र बनाया गया है। परिक्रमा पूरी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था रहेगी।
मेले के शुभारंभ के अवसर पर महिला अध्यक्ष ममता सिंघल, महामंत्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद अनुराग चतुर्वेदी, निखिल गोयल, हरिओम गोयल, विमल गुप्ता, अनुरंजन सिंघल, पोला भाई, राममोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।
ट्यूबवेल से स्नान की व्यवस्था
यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण तट पर विशेष सतर्कता बरती गई है। नदी किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है। मुख्य तट से करीब 20 फीट पहले ट्यूबवेल के माध्यम से स्नान की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर सरकारी चिकित्सक और जरूरी दवाइयां 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
मेले में नहीं लगे झूले, फिल्मी गीतों पर भी रोक
बल्केश्वर महादेव मेले में इस बार विवाद के चलते झूले नहीं लगाए गए है। लाउडस्पीकर पर फिल्मी गीत बजाने पर भी रोक लगाई गई है। केवल भक्ति और धार्मिक गीत ही बजाए जाएंगे। मेला संयोजक हरिओम ने बताया कि धार्मिक गरिमा बनाए रखने और विवाद की स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। मेले में मनोरंजन के बजाय धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर खास जोर है। इस मौके पर स्पर्श जैन, बृजेश वर्मा, डॉ. कृष्ण कुमार, रोहित कात्याल, इंदर डावर, कुमकुम उपाध्याय, डॉ. महेश फौजदार और मंजीत सिंह मौजूद रहे।
