
History-sheeters
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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History-sheeters
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
पूर्वांचल के तीन मंडलों (वाराणसी, आजमगढ़, विंध्य) और दस जिलों में 11,577 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से आजमगढ़, बलिया, वाराणसी, सोनभद्र और भदोही के 479 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं। इन सबकी लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रही है। दूसरी तरफ, पारिवारिक जिम्मेदारी व दबाव के साथ ही पुलिस की सख्ती की वजह से हिस्ट्रीशीटर अब कूड़ा बीनकर काम चला रहे हैं। ठेला लगाकर सब्जी और फल बेच रहे हैं।
आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेठवल गांव निवासी प्रदीप मिश्रा पर नौ मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीट खुली है। प्रदीप अब कूड़ा बीनकर परिवार चलाते हैं। प्रदीप का कहना है कि मन में कानून का डर बस गया है। इसी तरह सोनभद्र के दुद्धी थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और वार्ड नंबर 11 निवासी मोहम्मद कलाम उर्फ नाटे फल और सब्जी का ठेला लगा रहा है।
मोहम्मद कलाम के खिलाफ 2004 में मामला दर्ज हुआ था। कलाम के मुताविक, 22 साल पहले की गलतियों की सजा अभी तक भुगतनी पड़ रही है। ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वाराणसी के श्रीप्रकाश मिश्र उर्फ झुन्ना पंडित के खिलाफ 50 प्राथमिकी दर्ज है। आजमगढ़ में सबसे ज्यादा और भदोही में सबसे कम हिस्ट्रीशीटर हैं।