बरेली की बेटी इकरा संघर्ष की भट्ठी में तपकर कुंदन बनीं और समाज के सामने मिसाल पेश की। कोहाड़ापीर की तंग गलियों में एक कमरे के छोटे से मकान में रहने वाली इकरा ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 95.50 प्रतिश अंक हासिल कर जिले की मेरिट सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
इकरा के पिता इल्यास मोटर मैकेनिक का काम कर बमुश्किल 500 रुपये प्रतिदिन कमा पाते हैं। उनकी मां कौसर जरी का काम कर परिवार को सहारा देती हैं। छोटे से घर में इकरा ने किताबों को ही अपनी दुनिया बनाकर यह साबित कर दिया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।
विपरीत परिस्थितियों में सूर्य प्रताप ने इंटर में हासिल की 10वीं रैंक
रामपुर बाग स्थित शांति अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज छात्र सुभाषनगर निवासी सूर्य प्रताप सिन्हा ने इंटर में 89 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में 10वीं रैंक हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने दूसरे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च जुटाया और तैयारी की। छोटे भाई करन प्रताप का भी मार्गदर्शन किया, जिसने 10वीं में 84 प्रतिशत अंक हासिल किए।
सूर्य के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। 10वीं में उम्मीद के मुताबिक अंक न आने के कारण वे गहरे अवसाद में चले गए थे। इसका असर उनकी 11वीं की पढ़ाई पर भी पड़ा। इस कठिन समय में उनके चाचा अभिशेष और बहन प्राची उनके लिए ढाल बनकर खड़े हुए। पिता अधिषेक सिन्हा और माता दीपाली सिन्हा के अटूट विश्वास ने उन्हें फिर खड़ा होने का साहस दिया। सूर्य भविष्य में इंजीनियर बनना चाहते हैं।
